🐏मेष
कार्यस्थल पर आपकी ऊर्जा और प्रयास सफल होंगे। व्यापार में नए सौदे तय होंगे, लाभ होगा। मित्रों से संबंध और प्रगाढ़ होंगे। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी। सेहत अच्छी रहेगी, फुर्ती बनी रहेगी। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें।
🐂वृषभ
अधिकारियों के साथ तालमेल बेहतर रहेगा। व्यापार में नए निवेश से दूरगामी लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ प्यार और समझ बढ़ेगी। धन लाभ होने की पूरी संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, ध्यान दें। सुंदरकांड का पाठ करें।
👫मिथुन
कार्यकुशलता से जटिल काम निपटाएंगे। व्यापारिक यात्राएं लाभप्रद साबित होंगी। प्रियजनों के साथ समय सुखद बीतेगा। वित्तीय स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। मानसिक रूप से ऊर्जावान महसूस करेंगे। बंदरों को गुड़ खिलाएं।
🦀कर्क
पद और मान-सम्मान में वृद्धि होगी। व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आएगी। परिवार में सुख और आनंद रहेगा। अटका हुआ धन प्राप्त होने के योग हैं। सेहत अनुकूल रहेगी, ताजगी रहेगी। शिवलिंग पर जल और लाल चंदन चढ़ाएं।
🐅सिंह
निर्णय लेने की क्षमता से फायदा होगा। व्यापार में नए अवसर भुनाने में सफल रहेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आय में वृद्धि होने के स्पष्ट संकेत हैं। शारीरिक रूप से बेहद ऊर्जावान रहेंगे। हनुमान जी के मंदिर में लाल फल चढ़ाएं।
🙎♀️कन्या
काम पर ध्यान दें, लापरवाही न करें। लेन-देन के मामलों में सतर्क रहें। बड़ों का मार्गदर्शन लाभ देगा। बजट के अनुसार ही खर्च करें। खान-पान संतुलित रखें, योग करें। मसूर की दाल का दान करें।
⚖️तुला
नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारिक साझेदारी में लाभ होगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। आर्थिक लाभ मिलने की पूरी संभावना है। सेहत अच्छी रहेगी, स्फूर्ति महसूस होगी। बजरंग बाण का पाठ करें।
🦂वृश्चिक
विरोधियों की योजनाएं विफल होंगी। व्यापार में मुनाफा बढ़ने के योग हैं। पारिवारिक सहयोग हिम्मत बढ़ाएगा। अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा। हनुमान चालीसा का पाठ करें।
🏹धनु
करियर में बड़ी सफलता मिलने के आसार हैं। नए निवेश से बड़ा फायदा संभव है। संतान पक्ष से संतोषप्रद खबर मिलेगी। आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर होगी। ताजगी और स्फूर्ति बनी रहेगी। हनुमान जी को बूंदी चढ़ाएं।
🐊मकर
अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है, संयम रखें। लिखा-पढ़ी के मामलों में सावधानी रखें। परिवार के साथ तालमेल बेहतर बनाएं। अनचाहे खर्चों से बचना जरूरी है। थकान हो सकती है, आराम करें। राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
🍯कुंभ
बुद्धिमानी से सभी काम समय पर बनेंगे। व्यापार में नए अनुबंधों पर मुहर लगेगी। मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत और सुरक्षित होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फुर्ती रहेगी। लाल कपड़े में नारियल लपेटकर चढ़ाएं।
🐟मीन
आपकी बातों का प्रभाव दफ्तर में दिखेगा। व्यापार में मुनाफे के मौके बढ़ेंगे। परिवार में शुभ कार्य की रूपरेखा बनेगी। धन संचय के प्रयास सफल होंगे। मानसिक शांति मिलेगी, सेहत अच्छी रहेगी। हनुमान जी के चरणों का तिलक लगाएं।
दिनाँक:-28/10/2026,बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष,
कार्तिक
“””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि——– तृतीया 25:06:03. तक
पक्ष———————– कृष्ण
नक्षत्र—— कृत्तिका 13:25:08
योग——- व्यतिपत 07:17:33
योग——– वरियान 27:39:33
करण——– वणिज 14:36:14
करण—– विष्टि भद्र 25:06:03
वार———————- बुधवार
माह——————— कार्तिक
चन्द्र राशि—————– वृषभ
सूर्य राशि——————- तुला
रितु———————— हेमंत
आयन————— दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————– रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127
वृन्दावन
सूर्योदय————- 06:28:10
दिन काल———– 11:09:13
चंद्रास्त————– 08:42:57
सूर्यास्त————– 17:37:23
रात्री काल———– 12:51:26
चंद्रोदय————– 19:11:35
लग्न—-तुला 10°23′, 190°23′
सूर्य नक्षत्र—————- स्वाति
चन्द्र नक्षत्र————- कृत्तिका
नक्षत्र पाया—————- लोहा
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
उ—- कृत्तिका 07:58:55
ए—- कृत्तिका 13:25:08
ओ—- रोहिणी 18:51:16
वा—- रोहिणी 24:17:28
वी—- रोहिणी 29:43:53
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= तुला 10°30 , स्वाति 1 रू
चन्द्र= वृषभ 05°30 , कृतिका , 3 उ
बुध = तुला 25°52 ‘ विशाखा 2 तू
शु क्र= तुला 04°05, चित्रा 4 री
मंगल= कर्क 22°17 आश्लेषा 2 डू
गुरु= कर्क 29°33 आश्लेषा , 4 डो
शनि=मीन 15°10 ‘ उoभाo , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 02°07 धनिष्ठा , 3 गु
केतु= (व) सिंह 02°07. मघा 1 मा
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🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 12:03 – 13:26 अशुभ
यम घंटा 07:52 – 09:15 अशुभ
गुली काल 10:39 – 12:03 अशुभ
अभिजित 11:40 – 12:25 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:40 – 12:25 अशुभ
वर्ज्यम 27:55* – 29:23* अशुभ
प्रदोष 17:37 – 20:14. शुभ
🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:46* – 29:37* शुभ
💮चोघडिया, दिन
लाभ 06:28 – 07:52 शुभ
अमृत 07:52 – 09:15 शुभ
काल 09:15 10:39 अशुभ
शुभ 10:39 – 12:03 शुभ
रोग 12:03 – 13:26 अशुभ
उद्वेग 13:26 – 14:50 अशुभ
चर 14:50 – 16:14 शुभ
लाभ 16:14 17:37 शुभ
🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 17:37 – 19:14 अशुभ
शुभ 19:14 – 20:50 शुभ
अमृत 20:50 – 22:27 शुभ
चर 22:27 – 24:03* शुभ
रोग 24:03* – 25:40* अशुभ
काल 25:40*27:16* अशुभ
लाभ 27:16* – 28:52* शुभ
उद्वेग 28:52* – 30:29* अशुभ
💮होरा, दिन
बुध 06:28 -07:24
चन्द्र 07:24- 08:20
शनि 08:20- 09:15
बृहस्पति 09:15 -10:11
मंगल 10:11- 11:07
सूर्य 11:07 -12:03
शुक्र 12:03 -12:59
बुध 12:59- 13:54
चन्द्र 13:54 -14:50
शनि 14:50 -15:46
बृहस्पति15:46 -16:42
मंगल 16:42- 17:37
🚩होरा, रात
सूर्य 17:37- 18:42
शुक्र 18:42- 19:46
बुध 19:46- 20:50
चन्द्र 20:50- 21:55
शनि 21:55 -22:59
बृहस्पति 22:59- 24:03
मंगल 24:03-25:07
सूर्य 25:07 -26:12
शुक्र 26:12-27:16
बुध 27:16-28:20
चन्द्र 28:20-29:25
शनि 29:25-30:29
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
तुला > 05:52 से 08:00 तक
वृश्चिक > 08:00 से 10:28 तक
धनु > 10:28 से 12:20 तक
मकर > 12:20 से 14:14 तक
कुम्भ > 14:14 से 15:50 तक
मीन > 15:50 से 17:46 तक
मेष > 17:46 से 17:56 तक
वृषभ > 17:56 से 20:46 तक
मिथुन > 20:46 से 22:58 तक
कर्क > 22:58 से 01:12 तक
सिंह > 01:12 से 03:32 तक
कन्या > 03:32 से 05:46 तक
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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 3 + 4 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
मंगल ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:
श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।
18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
14:36 से 25:06 तक
स्वर्ग लोक = शुभ कारक
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*रोहिणी व्रत
*शुक्रोदय पूर्वस्याम 22:10
*सर्वार्थ सिद्धि योग
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
अनृतं साहसं माया मूर्खत्वमतिलोभिता ।
अशौचत्वं निर्दयत्वं स्त्रीणांदोषाःस्वभावजाः ।।
।।चाoनीo।।
झूठ बोलना, कठोरता, छल करना, बेवकूफी करना, लालच, अपवित्रता और निर्दयता ये औरतो के कुछ नैसर्गिक दुर्गुण है।
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11
दृष्ट्वेदं मानुषं रूपं तव सौम्यं जनार्दन।
इदानीमस्मि संवृत्तः सचेताः प्रकृतिं गतः॥
अर्जुन बोले- हे जनार्दन! आपके इस अतिशांत मनुष्य रूप को देखकर अब मैं स्थिरचित्त हो गया हूँ और अपनी स्वाभाविक स्थिति को प्राप्त हो गया हूँ