यूपी का ‘पोटैटो डिप्लोमेसी’ मिशन: केन्या पहुंचे बी. एल. मीना
13वें वर्ल्ड पोटैटो कांग्रेस 2026 में यूपी का प्रतिनिधित्व करने नैरोबी पहुंचे राजस्व परिषद अध्यक्ष बी. एल. मीना, केन्याई उद्योगपति डॉ. बिमल कांतारिया और प्रवासी भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत।
- 13वें वर्ल्ड पोटैटो कांग्रेस 2026 में शामिल हुए बी. एल. मीना।
- केन्याई उद्योगपति डॉ. बिमल कांतारिया ने नैवाशा में किया स्वागत।
- प्रवासी भारतीय संगठनों और NRI समुदाय ने दिया ऐतिहासिक समर्थन।
समग्र समाचार सेवा
नैरोबी/लखनऊ, 02 नवंबर: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Government) द्वारा राज्य के कृषि उत्पादों और खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) क्षेत्र को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के अध्यक्ष (Chairperson, Board of Revenue) तथा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. एल. मीना (Shri B. L. Meena) छह दिवसीय आधिकारिक दौरे पर केन्या पहुंचे।
वे 26 से 30 अक्टूबर 2026 तक केन्या के नैवाशा में आयोजित हुए ऐतिहासिक ’13वें विश्व आलू कांग्रेस 2026′ (13th World Potato Congress 2026) में भाग लेने के लिए नैरोबी पहुंचे थे। यह वैश्विक सम्मेलन सब-सहारा अफ्रीका (Sub-Saharan Africa) क्षेत्र में पहली बार आयोजित किया गया है, जिसमें दुनिया भर के 60 से अधिक देशों के कृषि वैज्ञानिक, उद्योगपति और नीति निर्माता शामिल हुए।
भारत और यूपी का वैश्विक आलू उत्पादन में दबदबा
उल्लेखनीय है कि भारत वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक देश है। इसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के कुल आलू उत्पादन में यूपी अकेले 33 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के कायाकल्प और रणनीतिक पहलों के बाद, बी. एल. मीना के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब ‘पोटैटो डिप्लोमेसी’ (Potato Diplomacy) के जरिए वैश्विक स्तर पर अपनी कृषि क्षमता और ब्रांड यूपी को मजबूती से बढ़ावा दे रहा है।
केन्या के दिग्गज उद्योगपति डॉ. बिमल कांतारिया ने किया भव्य स्वागत
नैवाशा पहुंचने पर बी. एल. मीना का स्वागत केन्या के प्रमुख उद्योगपति, परोपकारी और अफ्रीकी कृषि क्षेत्र के प्रमुख नेता डॉ. बिमल कांतारिया (Dr. Bimal Kantaria) ने किया। डॉ. कांतारिया राजकोट के एक बेहद सम्मानित तीसरी पीढ़ी के गुजराती परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिनका केन्या में 120 वर्षों से भी अधिक का गौरवशाली इतिहास और व्यावसायिक विरासत रही है। उनके दादा वर्ष 1898 में केन्या आए थे।
वर्तमान में डॉ. बिमल कांतारिया पूर्व अफ्रीका (East Africa) की सबसे बड़ी कृषि इनपुट कंपनी ‘एल्गॉन केन्या लिमिटेड’ (Elgon Kenya Limited) के प्रबंध निदेशक (MD) हैं। उनकी अगुवाई में यह संस्थान केन्या, तंजानिया, युगांडा, इथियोपिया और जाम्बिया में अपने परिचालन के माध्यम से 600 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है।
मासाई मारा भ्रमण, सरकारी वार्ता और प्रवासी भारतीय समुदाय का सम्मान
अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान बी. एल. मीना ने नैवाशा से प्रसिद्ध मासाई मारा (Maasai Mara) का दौरा किया और 29 अक्टूबर की शाम नैरोबी लौटे। इसके पश्चात 30 अक्टूबर 2026 को उन्होंने केन्याई सरकार के शीर्ष अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लिया, जिसमें उत्तर प्रदेश और केन्या के बीच कृषि तकनीक, बीज उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
30 अक्टूबर की शाम नैरोबी में प्रवासी भारतीय समुदाय (Indian Diaspora in Nairobi) द्वारा बी. एल. मीना के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह (Reception) का आयोजन किया गया। अल्प सूचना के बावजूद केन्या में सक्रिय लगभग सभी प्रमुख भारतीय संगठनों—जिनमें हिंदू स्वयंसेवक संघ (HSS), ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी (OFBJP), राजस्थान फाउंडेशन केन्या, और उत्तर प्रदेश केन्या एसोसिएशन (UPKAR)—के प्रतिनिधियों और गणमान्य हस्तियों ने हिस्सा लिया और योगी सरकार के ‘पोटैटो डिप्लोमैट’ बी. एल. मीना का गर्मजोशी से स्वागत किया।
निष्कर्ष
केन्या में 13वें वर्ल्ड पोटैटो कांग्रेस 2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ‘पोटैटो डिप्लोमेसी’ ने वैश्विक कृषि बाजार में राज्य की मजबूत दावेदारी पेश की है। NRI समुदाय और अंतरराष्ट्रीय कृषि उद्योग के सहयोग से उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए नए निर्यात और व्यापारिक अवसरों के द्वार खुलेंगे।