ओमान तट के पास कमर्शियल जहाज पर हमला, भारतीय नाविक की मौत
ओमान के लीमा तट के पास भारतीय कमर्शियल कार्गो जहाज 'अल जुसुफी' पर अज्ञात हवाई हमले में गुजरात के एक नाविक की मौत, 13 अन्य सदस्यों को सुरक्षित बचाया गया।
- ओमान तट के पास कमर्शियल जहाज ‘अल जुसुफी’ पर हुआ हमला।
- गुजरात के नाविक गंधर नाहिम अजीज की मौत, 13 क्रू मेंबर सुरक्षित।
- भारत सरकार ने कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा मांगी।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 04 नवंबर: पश्चिम एशिया और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में लगातार गहराते तनाव के बीच भारत के लिए एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। ओमान के लीमा (Limah) तट के पास एक कमर्शियल और भारतीय-ध्वज वाले कार्गो जहाज ‘एमएसवी अल जुसुफी’ (MSV Al Jusufi) पर अज्ञात हवाई या मिसाइल हमले (Aerial Object Strike) की खबर है। इस भीषण हमले में जहाज पर सवार गुजरात के एक युवा भारतीय नाविक (Seafarer) की मौत हो गई, जबकि ओमान के तटरक्षक बल (Oman Coast Guard) की त्वरित कार्रवाई से अन्य 13 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों और वहां काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
कैसे हुआ हमला और क्या थी जहाज की स्थिति?
विस्तृत जानकारी के अनुसार, कमर्शियल कार्गो वेसल ‘अल जुसुफी’ पर कुल 14 भारतीय नाविक सवार थे। यह जहाज जब ओमान के तटीय क्षेत्र और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग के पास से गुजर रहा था, तभी एक अज्ञात हवाई वस्तु (Aerial Projectile/Object) ने अचानक इस पर हमला कर दिया। हमले के कारण जहाज के एक हिस्से में भारी क्षति पहुंची और वहां अफरा-तफरी मच गई।
इस अप्रत्याशित हमले में जहाज पर सवार नाविक गंधर नाहिम अजीज (Gandhar Nahim Ajij), जो मूल रूप से गुजरात के रहने वाले थे, गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही ओमान के कोस्ट गार्ड ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और जहाज पर मौजूद बाकी के 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
भारत सरकार और मंत्रियों की तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना के सामने आने के बाद केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उनका मंत्रालय और मस्कट स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Oman) ओमान के स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। घायल और सुरक्षित बचाए गए 13 अन्य नाविकों को हरसंभव चिकित्सीय सहायता दी जा रही है तथा मृत नाविक गंधर नाहिम अजीज के पार्थिव शरीर को शीघ्र स्वदेश लाने (Repatriation) के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान कमर्शियल शिपिंग और नागरिक बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाया जाना अत्यंत चिंताजनक है। भारत ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैश्विक जलमार्गों पर स्वतंत्र, सुरक्षित और निर्बाध नौवहन (Free and Unimpeded Navigation) की बहाली की पुरजोर मांग की है।
पश्चिम एशिया संघर्ष में बढ़ रहा भारतीयों पर जोखिम
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस ताजा घटना के बाद पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष में अब तक जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों की कुल संख्या बढ़कर 23 हो गई है, जिनमें से 15 अकेले समर्पित नाविक (Seafarers) हैं। लाल सागर, अरब सागर और हॉर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास के समुद्री मार्गों पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ड्रोन-मिसाइल हमलों के कारण भारतीय नाविकों और वैश्विक व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से इस मार्ग को बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और वैश्विक ताकतों के सामने इन जलमार्गों को सुरक्षित रखने की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
निष्कर्ष
ओमान तट के पास कमर्शियल जहाज ‘अल जुसुफी’ पर हुआ यह हमला इस बात की गंभीर चेतावनी है कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब समुद्र में कार्यरत आम नाविकों और व्यापारियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। भारत सरकार इस मामले में पूरी तरह मुस्तैद है और मृत नाविक के परिवार को न्याय तथा सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।