हादसा या हत्या? जुबीन गर्ग मौत मामले में CID की 3-बॉक्स चार्जशीट दाखिल
असम CID की SIT ने 3,500 पन्नों की जांच रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी; 7 लोग महीनों से न्यायिक हिरासत में
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जुबीन गर्ग की मौत पर अब हत्या की धारा भी जोड़ी गई
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SIT ने सिंगापुर जाकर 300 से अधिक गवाहों से पूछताछ की
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3 बक्सों में भरी चार्जशीट गुवाहाटी सीजेएम कोर्ट में पेश
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मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बोले—“यह हादसा नहीं, हत्या का मामला”
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी | 12 दिसंबर: असम CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने गायक जुबीन गर्ग की मौत मामले में तीन बक्सों में भरी विस्तृत चार्जशीट शुक्रवार को गुवाहाटी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में पेश कर दी। यह कदम तीन महीने की गहन जांच के बाद उठाया गया है।
19 सितंबर को सिंगापुर में जुबीन गर्ग का निधन हुआ था। शुरू में इसे सामान्य मौत माना गया, लेकिन परिवार और प्रशंसकों की ओर से हत्या के आरोप लगाए गए। बाद में असम सरकार ने जांच SIT को सौंप दी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में विधानसभा में कहा था कि “यह एक हत्या है, हादसा नहीं”, और SIT एक पुख्ता रिपोर्ट देने वाली है। इसी के बाद जांच की रफ्तार तेज हुई।
CID ने FIR संख्या 18/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 106 (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया था। जांच आगे बढ़ने पर बीएनएस की धारा 103 (हत्या) भी जोड़ी गई।
SIT टीम ने सिंगापुर जाकर घटनास्थल से जुड़े कई तथ्य जुटाए और लगभग 300 गवाहों के बयान दर्ज किए। इस दौरान करीब 3,500 पन्नों की जांच सामग्री तैयार की गई, जिसे चार्जशीट में शामिल किया गया है।
इस मामले में कार्यक्रम आयोजक श्यामकानु महंत, मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, सह-गायिका अमृतप्रभा महंत, बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी, एक रिश्तेदार और निजी सुरक्षा अधिकारी सहित 7 लोग न्यायिक हिरासत में हैं।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब उम्मीद है कि जुबीन गर्ग की मौत के पीछे की सच्चाई जल्द सामने आएगी। हालांकि अभी दस्तावेज़ की सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है।