असम : पूर्व डीआईजी प्रशांत कुमार दत्ता मामला, ईडी ने 53 करोड़ की संपत्ति कुर्क

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • ईडी ने पूर्व असम डीआईजी प्रशांत कुमार दत्ता की 53 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कीं।
  • गुवाहाटी के कई होटल और मुंबई की दो इमारतें कार्रवाई के दायरे में आईं।
  • मामला आय से अधिक संपत्ति और धन शोधन जांच से जुड़ा है।
  • दत्ता पहले असम एसआई भर्ती प्रश्नपत्र लीक मामले के मुख्य आरोपी रह चुके हैं।

समग्र समाचार सेवा
असम गुवाहाटी 30 जून : असम के पूर्व डीआईजी प्रशांत कुमार दत्ता मामला, ईडी ने 53 करोड़ की संपत्ति कुर्क की, आय से अधिक संपत्ति का मामला असम, असम पुलिस एसआई भर्ती पेपर लीक केस, प्रशांत कुमार दत्ता भ्रष्टाचार जांच । पूर्व असम डीआईजी प्रशांत कुमार दत्ता की 53 करोड़ की संपत्तियां ईडी ने कीं कुर्क, भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए असम पुलिस के पूर्व उप महानिरीक्षक (डीआईजी)  प्रशांत कुमार दत्ता की लगभग  53 करोड़ रुपये  मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। ईडी के अनुसार यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है।

जांच एजेंसी का कहना है कि प्रशांत कुमार दत्ता ने वर्ष 1992 से 2019 के बीच सरकारी सेवा में रहते हुए अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। प्रारंभिक जांच में इन संपत्तियों के स्रोत संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद ईडी ने कार्रवाई करते हुए कई अचल संपत्तियों को अपने कब्जे में लिया।

कुर्क की गई संपत्तियों में  गुवाहाटी के पलटन बाजार स्थित  होटल, लखरा स्थित ,होटल भार्गव, गड़चुक के बेटकुची स्थित भार्गव ग्रैंड  तथा  मुंबई  में स्थित दो आलीशान इमारतें शामिल हैं। इन सभी संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 53 करोड़ रुपये बताया गया है।

प्रशांत कुमार दत्ता पहले भी असम के चर्चित  पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती प्रश्नपत्र लीक मामले  के मुख्य आरोपियों में शामिल रहे हैं। इस भर्ती घोटाले के सामने आने के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए कई महीनों तक फरार रहने के बाद  अक्टूबर 2020 में उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा के निकट गिरफ्तार किया था।

ईडी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यदि आगे और अवैध संपत्तियों के बारे में जानकारी मिलती है तो अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है। एजेंसी का उद्देश्य भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

Leave A Reply

Your email address will not be published.