- पहले से पत्नी की हत्या का दोषी 65 वर्षीय व्यक्ति को पैरोल पर रहते हुए भतीजी की हत्या करने पर फांसी की सजा मिली।
- कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ केस बताया और समाज के लिए आरोपी को खतरनाक करार दिया।
- आरोपी ने पेट्रोल/कैरोसीन डालकर 12 वर्षीय भतीजी को जला दिया था।
- घटना की जानकारी एक अजनबी द्वारा पुलिस को दी गई, मां ने आरोपी भाई का नाम लिया।
समग्र समाचार सेवा
ओडिशा 6 जुलाई : ओडिशा के एक सत्र न्यायालय ने पत्नी की हत्या के दोषी 65 वर्षीय व्यक्ति को, पैरोल के दौरान 12 वर्षीय भतीजी को जला कर मारने के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ करार देते हुए कहा कि ऐसे अपराधी के साथ समाज में रहना बेहद खतरनाक है।
एक्ट के तहत फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC), बरहामपुर के ऐड-हॉक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रोहित लाल पांडा ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी पहले से ही उम्रकैद की सजा काट रहा था और उसने पैरोल पर रहते हुए अत्यंत क्रूरता के साथ मासूम बालिका को पेट्रोल/कैरोसीन डालकर जला डाला। कोर्ट ने माना कि इतनी क्रूरता और निर्दयता के चलते न्यूनतम सजा देना अन्यायपूर्ण होता।
घटना 26 अप्रैल 2022 की है, जब एक अजनबी ने बैद्यनाथपुर पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात करीब 9:30 बजे उसने भीड़ देखी और पास जाकर देखा कि एक बच्ची जल रही थी। लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, वहीं पीड़िता की मां ने तुरंत बताया कि उसके भाई (आरोपी) ने ही बच्ची को आग लगाई।
यह फैसला समाज में अपराध के प्रति कड़ा संदेश देता है और न्यायिक व्यवस्था की संवेदनशीलता को दर्शाता है।