भारत-फ्रांस : महत्वपूर्ण खनिजों पर पहली संयुक्त बैठक

आपूर्ति चेन को लेकर बड़ा कदम

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  • भारत-फ्रांस के बीच महत्वपूर्ण खनिजों पर पहली संयुक्त वर्किंग ग्रुप बैठक
  • खनिज खोज, प्रोसेसिंग, रिसाइक्लिंग में सहयोग और रिसर्च बढ़ाने पर जोर
  • तीसरे देशों में भी संभावित साझेदारी और परियोजनाओं की चर्चा
  • स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर के लिए खनिज आपूर्ति चेन को मजबूत करने की दिशा में पह

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली 8 जुलाई : भारत और फ्रांस ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए नई दिल्ली में पहली संयुक्त वर्किंग ग्रुप बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत निर्माण और रणनीतिक उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाना है।

 

बैठक में भारत के राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन और फ्रांस के इंटरमिनिस्टेरियल डेलिगेट्स के अधिकारियों ने भाग लिया। दोनों पक्षों ने खनिजों की खोज, प्रोसेसिंग और रीसायक्लिंग में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की। इसके अलावा, दोनों देशों ने तीसरे देशों में भी खनिज परियोजनाओं में संभावित साझेदारी पर चर्चा की।

 

विशेषज्ञों ने कहा कि लिथियम, कोबाल्ट, निकेल, ग्रेफाइट और रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे खनिज बैटरियों, इलेक्ट्रिक वाहनों, सेमीकंडक्टर्स और नवीनीकृत ऊर्जा के लिए बेहद जरूरी हैं। बैठक में भारत के जियोलॉजिकल सर्वे और फ्रांस के BRGM के वैज्ञानिकों ने मिलकर खनिज मूल्य श्रृंखला पर संयुक्त रिसर्च करने का निर्णय लिया।

यह बैठक फरवरी में भारत-फ्रांस के बीच हुए संयुक्त घोषणा पत्र के बाद हुई है, जो खनिज अन्वेषण, अनुसन्धान, सप्लाई चेन विविधता और रिसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देता है। दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य आपूर्ति श्रृंखला को टिकाऊ और विविध बनाना है, ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रहे।

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