उत्तराखंड की प्रसिद्ध ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ पर्यटकों के लिए खुली

पर्यटन सीजन की शुरुआत: यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में फूलों का मेला; 31 अक्टूबर तक चलेगा पर्यटन सीजन

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  • उत्तराखंड के चमोली जिले की ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ (फूलों की घाटी) आज पर्यटकों के लिए खोल दी गई है।
  • यह स्थान यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • इस घाटी में 300 से अधिक प्रजातियों के फूल और दुर्लभ पौधे मौजूद हैं।
  • यह पर्यटकों के लिए 31 अक्टूबर तक खुली रहेगी।
  • प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के बीच भारी उत्साह है।

समग्र समाचार सेवा
उत्तराखंड, 2 जून: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ (Valley of Flowers) आज आधिकारिक तौर पर पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त यह खूबसूरत घाटी हर साल देश-विदेश के हजारों पर्यटकों को आकर्षित करती है।

हिमालय की गोद में स्थित प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस घाटी में वर्तमान में 300 से अधिक प्रजातियों के फूल खिले हुए हैं। इसके साथ ही यहां कई दुर्लभ और संरक्षित पौधों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं। मानसून के मौसम में विभिन्न रंगों के फूल पूरी घाटी को रंगीन बना देते हैं, जिसके कारण इसे प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग कहा जाता है।

वन विभाग की रेंज ऑफिसर चेतना कांडपाल (Chetna Kandpal) के अनुसार, ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ इस वर्ष के पर्यटन सीजन में 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहेगी। इसके बाद सर्दियों के आगमन के साथ ही घाटी को दोबारा बंद कर दिया जाएगा।

पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों का चमोली पहुंचना शुरू हो गया है। मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों, रंग-बिरंगे फूलों के समागम और जैव विविधता के कारण ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ इस बार भी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के एक अनूठे उदाहरण के रूप में पहचानी जाने वाली यह घाटी उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति प्रदान करेगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।

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