- सबसे ज्यादा चोरी: बीकानेर में चादरें, दिल्ली में तौलिए, सोनपुर में तकिया कवर और जोधपुर में कंबल सबसे ज्यादा चोरी हुए।
- कुल अनुमानित नुकसान: इस चोरी से रेलवे के बेडरोल ठेकेदारों को लगभग ₹104.51 करोड़ का नुकसान हुआ।
- सफाईकर्मियों पर असर: ठेकेदार यह राशि मुख्य रूप से अपने कोच अटेंडेंट/सफाईकर्मियों की सैलरी से वसूल लेते हैं।
- 2022-2025 में 56% वृद्धि: महामारी के बाद बेडरोल सेवा शुरू होने के बाद से चोरी की घटनाओं में 56% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13 जुलाई :भारतीय रेलवे के एसी कोचों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए दी जाने वाली लिनन सेवा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच यात्रियों द्वारा 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम — जिसमें चादरें, तौलिये, कंबल, तकिये और कवर शामिल हैं — चोरी कर लिए गए। यह जानकारी आरटीआई के ज़रिए सामने आई है।
हर दिन, लगभग 8 लाख एसी यात्री रेलवे की ओर से मिलने वाले लिनन का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें दो चादरें, एक कंबल, एक तकिया, एक कवर और एक फेस तौलिया शामिल होते हैं। लेकिन हर 1,000 में से एक यात्री कम से कम एक आइटम लेकर चला जाता है। रेलवे के 69 डिवीज़नों में से 54 से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह चोरी यात्रियों की प्रवृत्ति और रेलवे प्रशासन दोनों पर सवाल खड़े करती है।
रेलवे के लिए यह चोरी आंकड़ों में भले ही छोटी लगे, लेकिन कर्मचारी और ठेकेदारों के लिए यह आर्थिक और नैतिक रूप से एक बड़ी समस्या बन गई है। अब सवाल है कि यात्री जिम्मेदारी दिखाएंगे या यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।