धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी छत्तीसगढ़-ओडिशा और पंजाब में छात्रों का विरोध जारी
राज्यों में शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग तेज
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद तीन राज्यों में शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग तेज
- छत्तीसगढ़, ओडिशा, पंजाब में छात्र सड़कों पर, विरोध लगातार जारी
- परीक्षा पेपर लीक, किताबों में गलतियां, शिक्षा व्यवस्था की अनियमितता मुख्य कारण
- राज्य सरकारों पर शिक्षा सुधार और पारदर्शिता का दबाव
- छात्र संगठनों ने आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली ,27 जुलाई :केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी देश के कई राज्यों—छत्तीसगढ़, ओडिशा और पंजाब—में छात्रों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन राज्यों में छात्र स्थानीय शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विरोध का मुख्य कारण परीक्षा पेपर लीक, पाठ्यपुस्तकों में गलतियां और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताएं बताई जा रही हैं।
छत्तीसगढ़ में छात्रों का विरोध:
राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। वे राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है और NEET की दोबारा परीक्षा के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा को अब तक न्याय नहीं मिला।
ओडिशा और पंजाब में भी विरोध:
ओडिशा और पंजाब में भी छात्रों ने शिक्षा मंत्रियों पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वे परीक्षा प्रणाली और शैक्षणिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी छात्रों का गुस्सा साफ दिख रहा है, जहां #ResignEducationMinister ट्रेंड कर रहा है।
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राज्यों में भी जवाबदेही और सुधार का दबाव बढ़ गया