सिंधिया ने मुंबई IIMUN में युवाओं से किया संवाद
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गिरगांव स्थित मुख्यालय में छात्रों से की मुलाकात, विकसित भारत 2047 के विजन पर रखे विचार।
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंबई के IIMUN मुख्यालय में देश के युवा विद्यार्थियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
- उन्होंने विकसित भारत 2047 के विजन और Gen Z पीढ़ी की आकांक्षाओं व विचारों पर छात्रों के साथ विस्तार से चर्चा की।
- इस दौरान युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने और आधुनिक भारत की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 10 सितंबर: देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके विचारों को नीतिगत दिशा देने के प्रयासों के तहत, केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज मुंबई के गिरगांव स्थित IIMUN (India’s International Movement to Unite Nations) के मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से आए ऊर्जावान विद्यार्थियों और Gen Z पीढ़ी के युवाओं के साथ एक खुला और प्रेरणादायक संवाद किया। इस उच्चस्तरीय संवाद सत्र का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं, चुनौतियों और देश के भविष्य को लेकर उनके दृष्टिकोण को समझना था, ताकि आने वाले वर्षों में एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी जा सके।
विकसित भारत 2047 और युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी
संवाद के दौरान मुख्य रूप से ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन पर चर्चा केंद्रित रही। मंत्री सिंधिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब आज की युवा पीढ़ी ही देश की बागडोर संभाल रही होगी। इसलिए यह आवश्यक है कि युवा अभी से बड़े सपने देखें और अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नवाचार (Innovation), तकनीक और सामाजिक विकास में करें। उन्होंने बताया कि सरकार युवाओं को हरसंभव मंच प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है, जहां वे अपनी अनूठी सोच के जरिए देश की समस्याओं का समाधान ढूंढ सकें। छात्रों ने भी इस दौरान अपनी जिज्ञासाओं और विचारों को खुलकर साझा किया।
Gen Z की सोच और बदलता हुआ भारत
आज की युवा पीढ़ी, जिसे ‘Gen Z’ के रूप में जाना जाता है, तकनीक और आधुनिक बदलावों के साथ बड़ी हो रही है। इस पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में भारतीय युवाओं ने वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे केवल नौकरी चाहने वाले (Job Seekers) न बनें, बल्कि अपनी रचनात्मकता और उद्यमशीलता के बल पर नौकरी देने वाले (Job Creators) बनने की दिशा में आगे बढ़ें। इस अनौपचारिक बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने राजनीति, तकनीक, शिक्षा और पर्यावरण जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तीखे और रचनात्मक सवाल पूछे, जिनका मंत्री ने बहुत ही सहजता और गहराई से जवाब दिया।
IIMUN की भूमिका और भविष्य की राह
IIMUN जैसे संगठन युवाओं को वैश्विक कूटनीति, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने संकल्प लिया कि वे देश के विकास में अपना शत-प्रतिशत योगदान देंगे। इस तरह के संवाद कार्यक्रम न केवल युवाओं का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें यह अहसास कराते हैं कि देश की नीति निर्माण और विकास यात्रा में उनकी आवाज और उनके विचार कितने मायने रखते हैं। मुंबई के इस ऐतिहासिक मुख्यालय में हुआ यह आयोजन युवाओं के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।