- सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्रता दिवस पर CJI सूर्य कांत ने युवा वकीलों की तकनीकी समझ और सामाजिक जागरूकता की सराहना की।
- बोले—युवा पीढ़ी की लचीलापन, टेक्नोलॉजी और सामाजिक सच्चाई की समझ अदालतों को नया रूप दे रही है।
- CJI ने कहा—बार और बेंच दोनों आपके साथ हैं, युवाओं को न्याय व्यवस्था में बदलाव का भरोसा।
- संदेश—युवा कानून के छात्र और वकील नई न्यायिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 16 अगस्त :सुप्रीम कोर्ट में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने संदेश में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने देश की युवा पीढ़ी की तकनीकी दक्षता, सामाजिक यथार्थ की समझ और अदालती बदलाव में बढ़ती भूमिका की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी टेक्नोलॉजी से परिचित है, संवाद और ज्ञान के नए माध्यमों का इस्तेमाल करती है, जिससे अदालतों और न्यायिक प्रक्रिया में नई लचीलापन आई है।CJI सूर्य कांत ने युवा कानून छात्रों और वकीलों को संबोधित करते हुए कहा—”बार और बेंच दोनों आपके साथ हैं। आप जिस लचीलापन और तकनीकी अनुकूलता के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वह न्याय व्यवस्था के लिए विश्वास और उम्मीद का कारण है।” उन्होंने यह भी कहा कि युवा अब न केवल कानून की किताबों में बल्कि सामाजिक हकीकतों में भी गहरी रुचि रखते हैं, जिससे उनकी भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।मुख्य न्यायाधीश ने देश के युवाओं से न्यायिक व्यवस्था को और सशक्त, तकनीकी रूप से उन्नत और सामाजिक रूप से उत्तरदायी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।