पुष्प रंजन
झूठ को सच साबित करने की ज़बरदस्त कला थी इनमें। बूझिये, इनके पेशाब से दिया जलता था । वैसे अमित मालवीय का दिल तोड़ दिया आलाकमान ने। नागपंचमी के दिन इस “अत्यंत ज़हरीले साँप” को क्यों निपटाना तय किया? यह भी विमर्श का विषय है। जेन-ज़ेड की वजह से कल्लू के बाद यह दूसरी ‘बलि’ है। मालवीय अब क्या करेंगे? घंटा डोलायेंगे, या कोई और ठिकाना ढूंढेंगे? वैसे, अमित मालवीय कांग्रेस के लिए काम के आदमी साबित हो सकते हैं, बशर्ते वो ‘विभीषण’ बनने को तैयार हों।
11 साल से पार्टी में गोएबल्स वाला कामकाज को संभाल रहे थे। अमित मालवीय ने सोचा न था कि उनकी त्याग -तपस्या का ये सिला मिलेगा। हिटलर ने अपने प्रचार मंत्री जोसेफ गोएबल्स को बर्लिन के अपने भूमिगत बंकर में अंतिम समय तक अपने सबसे करीब रखा था।
अप्रैल 1945 के आखिरी दिनों में जब जर्मनी की हार तय हो चुकी थी, तब भी गोएबल्स और उनकी पत्नी मैग्डा गोएबल्स ने बंकर में ही रहने का फैसला किया था। हिटलर की मृत्यु (30 अप्रैल 1945) के ठीक एक दिन बाद, 1 मई 1945 को गोएबल्स ने अपने ही बच्चों को जहर देकर मार डाला और फिर अपनी पत्नी के साथ खुद भी आत्महत्या कर ली।
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अमित मालवीय 2009 में ‘फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी’ नाम के एक मंच के ज़रिए चर्चा में आए और 2015 में पार्टी के आईटी विभाग के प्रमुख बनाए गए। इसके बाद उन्होंने 11 साल तक बीजेपी के सोशल मीडिया आउटरीच का नेतृत्व किया। म्हास्के क्या मालवीय जितना मारक साबित होंगे? यह एक बड़ा सवाल है।
एक एकेडमिक और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) के पूर्व इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रहे म्हास्के ने छत्तीसगढ़ में केमिस्ट्री के प्रोफेसर के तौर पर भी काम किया है। 1968 में जन्मे म्हास्के अभी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) के चेयरमैन हैं और उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है।
म्हास्के बीजेपी की छत्तीसगढ़ यूनिट के स्थायी आमंत्रित सदस्य भी हैं। EIL में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने इस केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। यह कंपनी इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में माहिर है, खासकर ऑयल एंड गैस और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री में।
म्हास्के ने अपनी नियुक्ति को “बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी” बताया और कहा कि उन्हें इस बात का सम्मान महसूस हो रहा है कि पार्टी के एक कार्यकर्ता को यह भूमिका सौंपी गई है। बीजेपी की सोशल-मीडिया रणनीति पर म्हास्के ने कहा कि पार्टी की प्राथमिकता चुनाव जीतना और जनता की सेवा करना है, और उनकी टीम इस लक्ष्य को पाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करेगी। म्हास्के छत्तीसगढ़ में केमिस्ट्री के प्रोफेसर के तौर पर काम कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, “भले ही प्रोपेगैंडा कुछ समय के लिए माहौल बना दे, लेकिन अगर हम लंबे समय तक सही जवाब देते रहें, तो लोगों की गलतफहमियां दूर हो जाती हैं और भारतीय जनता पार्टी निश्चित रूप से उस दिशा में आगे बढ़ेगी।”
म्हास्के को बधाई देते हुए मालवीय ने कहा कि उन्हें पिछले दशक में नए नियुक्त लोगों में से हर एक के साथ मिलकर काम करने का सौभाग्य मिला है और भरोसा जताया कि नई लीडरशिप में पार्टी का डिजिटल कम्युनिकेशन “नए मुकाम” हासिल करेगा। उन्होंने खास तौर पर म्हास्के को बीजेपी के सोशल मीडिया विभाग का प्रमुख बनने पर बधाई दी, साथ ही प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव का नाम विभाग के सह-संयोजकों के तौर पर लिया।मालवीय ने X पर एक पोस्ट में कहा, “उनकी नियुक्तियां एक अहम मोड़ पर हुई हैं, क्योंकि पार्टी नई ऊंचाइयां छूने और अपने संदेश और संगठन को देश के हर कोने तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।”
पुष्प रंजन ,वरिष्ठ पत्रकार ,देश -विदेश के कई मीडिया संस्थानों में कार्य
सम्प्रति दिल्ली में रहते हैं