नेपाल में बाढ़ का कहर, मृतकों की संख्या 675 के पार

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आई अचानक बाढ़ से भारी तबाही, मलबे से लगातार बरामद हो रहे शव;

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड (Flash Flood) के कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 675 के पार पहुंच गया है।
  • आपदा के बाद अब भी 2,500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में युद्धस्तर पर अभियान जारी है।
  • नेपाल में आई इस भयानक आपदा का असर भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों पर भी देखने को मिल रहा है, जहां नदियां उफान पर हैं।

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 30 अगस्त: भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार में भी हाई अलर्ट जारी। पड़ोसी देश नेपाल में तबाही मचाने वाले भीषण फ्लैश फ्लड (Flash Flood) के जख्म अब और गहरे होते जा रहे हैं। नेपाल के विभिन्न हिस्सों में राहत और बचाव कार्य जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे दिल दहला देने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा के कारण मरने वालों की संख्या 675 को पार कर चुकी है। मलबे से लगातार शवों को बाहर निकाला जा रहा है, जिससे प्रशासन की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। इस भीषण त्रासदी के बाद से अभी भी 2,500 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है, जिनकी तलाश के लिए सुरक्षा बलों द्वारा युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

आपदा का मुख्य कारण और मलबा बनता काल

यह भयानक आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने और हिमस्खलन के कारण आई थी, जिसके चलते भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और मलबा अचानक नदियों में आ गया। भोटेकोशी और अन्य तटीय नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई गांव, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं (Hydropower Projects) पूरी तरह से तहस-नहस हो गई हैं। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों (Tunnels) में मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। नेपाल सेना, पुलिस और अन्य बचाव दलों के साथ-साथ विदेशी विशेषज्ञ भी मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार पर मंडराया खतरा

नेपाल में आई इस आपदा का सीधा असर भारत के सीमावर्ती राज्यों—विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश—पर भी पड़ रहा है। नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण गंडक, कोसी और अन्य नदियां उफान पर हैं। बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सीतामढ़ी समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने निचले इलाकों और तटबंधों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं। एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

अंतरराष्ट्रीय सहायता और राहत कार्य

इस विपदा की घड़ी में मानवता का परिचय देते हुए भारत ने नेपाल को सहायता के रूप में विमानों के जरिए राहत सामग्रियां और जरूरी उपकरण भेजे हैं। इसके अलावा अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी नेपाल को वित्तीय और मानवीय मदद देने का ऐलान किया है। नेपाल सरकार ने प्रभावित जिलों के लिए आर्थिक सहायता राशि वितरित करनी शुरू कर दी है ताकि विस्थापित हुए लोगों को भोजन, तंबू और चिकित्सा सुविधाएं समय पर मिल सकें। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे बचाव कार्यों में बाधा आ सकती है। बहरहाल, प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.