सागर जहरीली शराब कांड: मरने वालों का आंकड़ा 22 पहुंचा
बंडा और शाहगढ़ तहसील क्षेत्रों में नकली शराब का कहर जारी, पिता-पुत्र समेत 22 लोगों की मौत से दहला मध्य प्रदेश।
- मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से पिता-पुत्र समेत 22 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिससे पूरे राज्य में शोक और आक्रोश का माहौल है।
- इस भीषण त्रासदी के बाद 112 से अधिक लोगों की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई है, जिन्हें सागर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
- स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार ततरवारा गांव से लंबे समय से अवैध शराब की सप्लाई हो रही थी, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 30 लोगों पर केस दर्ज कर 10 आरोपियों को दबोच लिया है।
समग्र समाचार सेवा
सागर (मध्य प्रदेश), 7 सितंबर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली और नकली शराब के सेवन से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंडा और शाहगढ़ तहसील के विभिन्न गांवों में जहरीली शराब पीने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच गई है। इस हृदय विदारक घटना में एक पिता और पुत्र की भी एक साथ मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है। इस त्रासदी के सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद होकर पीड़ितों के इलाज और आरोपियों की धरपकड़ में जुट गया है।
112 से अधिक लोग गंभीर, सागर से भोपाल तक अस्पताल में भर्ती
जहरीली शराब के इस भयानक जहर ने बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। आधिकारिक और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना के बाद 112 से अधिक लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इनमें से कई मरीजों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों से निकालकर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर और आवश्यकता पड़ने पर राजधानी भोपाल के बड़े अस्पतालों के लिए रेफर किया गया है। डॉक्टरों की विशेष टीमें इन सभी मरीजों के इलाज में जुटी हुई हैं, ताकि अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें। कई लोगों की आंखों की रोशनी जाने और गंभीर किडनी-लिवर फेलियर की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ग्रामीणों का बड़ा खुलासा: ततरवारा गांव से होती थी सप्लाई
इस पूरे मामले में जब मीडिया और पुलिस ने जमीनी स्तर पर पड़ताल की तो एक बड़ा और चौंकाने वाला सच सामने आया। नाम न छापने की शर्त पर कई स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि नौराज ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ततरवारा गांव में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध और नकली शराब बनाने का काला कारोबार चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी गांव से आसपास के दर्जनों गांवों में जहरीली शराब की सप्लाई की जाती थी। इस अवैध धंधे से कई प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हुए थे, जिनकी दहशत के कारण कोई भी ग्रामीण खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस को इस अवैध गतिविधि की पूरी जानकारी थी, लेकिन मिलीभगत या दबाव के कारण समय रहते कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
ठेकेदार समेत 30 पर FIR, 10 आरोपी गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए लाइसेंसी शराब ठेकेदार और मुख्य सप्लायरों सहित कुल 30 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित दबिश देकर अब तक 10 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट के अन्य चेहरों बेनकाब किया जा सके। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस अमानवीय कृत्य में लिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच राज्य भर में अवैध शराब के अड्डों के खिलाफ व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया है।