लखनऊ, 30 सितंबर 2020। हाथरस गैंगरेप कांड में पीड़िता की मौत हो गई और उसके बाद परिवार की मर्जी के खिलाफ अंतिम संस्कार भी। चारो तरफ से योगी सरकार को निशाना बनाया जा रहा है। सीएम योगी ने इस मामले में एसआईटी गठित करने का ऐलान किया है और गृह सचिव की अध्यक्षता वाली इस तीन सदस्यीय टीम में डीआईजी चंद्र प्रकाश और आईपीएस अधिकारी पूनम को सदस्य बनाया गया है।
जी हां सीएम योगी ने इस रेप मामले की तह तक जाने के लिए कड़ाई से जांच के आदेश दिए है। उन्होंने समयबद्ध ढंग से जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए हैं। ज्ञात हो कि इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सीएम ने उनके खिलाफ फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मुक़दमा चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाने का भी आदेश दिया।
गौरतलब है कि यूपी के हाथरस में दलित युवती के साथ निर्भया जैसी ही हैवानियत को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद से हीं सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश झलक रहा है। साथ ही विपक्षी राजनीतिक दल भी योगी सरकार को निशाना बनाने में लगें। दिल्ली के जिस सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता ने कल आखिरी सांस ली और उसके बाद अस्पताला के बाहर प्रदर्शन हुआ, कैंडल मार्च निकला। यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग हो रही है।
इतना ही नहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने योगी सरकार से इस्तीफे की मांग की है।