भारतीय दृष्टि से इतिहास का पुनर्लेखन समय की आवश्यकता: डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय
गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘भारतीय इतिहास-लेखन में नवीन प्रवृत्तियां एवं चुनौतियां’ विषय पर व्याख्यान।
डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय ने कहा—इतिहास-लेखन भारतीय चेतना, संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप हो।
प्रो. राजवंत राव ने वैज्ञानिक, तथ्यपरक…
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