समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,10 अक्टूबर। भारत में जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ लगातार आवाजें उठ रही हैं। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने जाति भेद और पक्षपात को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों का पालन न केवल समाज में समानता को बढ़ावा देगा, बल्कि यह विभिन्न समुदायों के बीच समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करेगा।