उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में टूट के संकेत तेज
मंत्री न बनाए जाने से नाराज़ महतो ने नेतृत्व पर साधा निशाना, दीपक कुशवाहा बोले—‘परिवार की बात परिवार में ही रहे’
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राष्ट्रीय लोक मोर्चा में अंदरूनी असंतोष तेज, विधायक रामेश्वर महतो ने सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा।
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महतो ने बिना नाम लिए उपेंद्र कुशवाहा की नीयत और नीति पर सवाल उठाए।
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बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने से पार्टी के विधायकों में नाराज़गी बढ़ी।
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सूत्रों के मुताबिक तीन विधायक सत्ताधारी दल में जाने की तैयारी में, पार्टी पर टूट का संकट गहराया।
समग्र समाचार सेवा
पटना|12 दिसंबर: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा पर टूट का खतरा बढ़ता दिख रहा है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक और कुशवाहा के बेहद करीबी माने जाने वाले रामेश्वर महतो ने एक तीखा सोशल मीडिया पोस्ट कर भीतरखाने चल रही नाराज़गी को सार्वजनिक कर दिया है। महतो लंबे समय से मंत्री न बनाए जाने से असंतुष्ट बताए जाते हैं।
रामेश्वर महतो ने अपने पोस्ट में लिखा कि “राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सच्ची नीयत और नीति से मिलती है। जब नेतृत्व की नीयत धुंधली होने लगे और नीतियां जनहित से अधिक स्वार्थ की दिशा में बढ़ने लगें, तब जनता को ज्यादा दिनों तक भ्रमित नहीं रखा जा सकता।”
उनके इस बयान को सीधे तौर पर उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना माना जा रहा है।
दरअसल, मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने अपने किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनवाया, जबकि उनके बेटे दीपक प्रकाश, जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, को मंत्री नियुक्त किया गया। इसी फैसले से पार्टी के कई विधायकों में असंतोष बढ़ा है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि “परिवार की बातें परिवार में ही रहनी चाहिए। अगर कोई समस्या है तो उसका समाधान घर के अंदर ही होना चाहिए।” उनका यह बयान पार्टी में बढ़ते मतभेदों की पुष्टि सा करता दिख रहा है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कम से कम तीन विधायक सत्ताधारी दल में शामिल होने की तैयारी में हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या पार्टी किसी भी दिन टूट की ओर बढ़ सकती है? वर्तमान हालात उसी दिशा का संकेत देते हैं।