आप कमजोर ,भाजपा के साथ आप के बागी सांसद

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
पूनम शर्मा
आप के बागी सदस्य एवं सुप्रीम कोर्ट

सात बागी सदस्य आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा समेत 6 अन्य यह बीजेपी में शामिल हो गए और इसके साथ ही बीजेपी की जो राज्यसभा की सदस्यता है वह 113 हो गई । आप के नेताओं का यह कहना की उनकी साँसदी रद्द करवा देंगे यह असंभव है । अब ऐसा अब संभव नहीं है क्योंकि उपराष्ट्रपति जिन्होंने उनकी सदस्यता को स्वीकार किया और यह वैधानिक सदस्यता है । उपराष्ट्रपति ही इसमें निर्णय ले सकते हैं सुप्रीम कोर्ट तक जाना और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इस बात के लिए आवेदन देना और उसकी चुनौती देना यह एक बड़ी अजीब सी स्थिति है। इसके विषय में यदि आप के नेता ऐसा सोच रहे हैं तो ऐसा संभव ही नहीं होगा । कपिल सिब्बल ने भी कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे ।

किरण रिजू जी का भी ट्वीट आया कि टुकड़े-टुकड़े गैंग से अलग होकर अब यह बीजेपी के पास साथ आना चाहते हैं तो देश की सेवा करना चाहते हैं सबका स्वागत है । राज्यसभा में सदस्यों के बढ़ जाने से अब कोई भी कानून लाने के लिए अब बीजेपी को अधिक सोचना नहीं पड़ेगा क्योंकि किसी भी कानून को पारित करने के लिए सदस्यता जो है उनके पास आ चुकी है। इससे पूर्व 2014 में प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार जब बनी तो उसमें 54 से 58 सांसद थे राज्यसभा में । यदि कोई बिल लोकसभा से यदि पास हो जाता था बिल तो राज्यसभा में पासनहीं कर पाते थे । तो अब यह एक सुविधा मिल गई है एवं अब ऐसा संभव हो पाएगा ।

आप के सदस्यों की नाराजगी

ऐसा अभी इलेक्शन कमीशन पर यह विपक्ष महाभियोग लगाने वाले थे तो अब यह नहीं हो पाएगा । आम आदमी पार्टी के सदस्यों के भाजपा में आने से भाजपा एवं एनडीए काफी मजबूत हुआ है और आप कमजोर हो गया आम आदमी पार्टी के लोगों को पता था कि ऐसा होने वाला है क्योंकि राघव चड्ढा और संदीप पाठक जिन्होंने पंजाब में आपको आम आदमी पार्टी को एक ऐसे मुकाम पर बिठाया जहाँ उन्हें सफलता हाथ लगी और उसी दम पर सरकार भी बनी । उन्हीं लोगों को किनारे कर दिया गया केजरीवाल ने किस तरीके से आम आदमी पार्टी के इन मेहनती कार्यकर्ताओं को दरकिनारे किया एवं लोगों के साथ जो व्यवहार किया उससे ये सभी क्षुब्ध थे।
नेशनल कन्वीनर को छत्तीसगढ़ भेज दिया गया जबकि छत्तीसगढ़ में ना उनके लोग हैं न कोई संगठन कुछ भी नहीं है। तो दूसरी ओर अरविन्द केजरिवल के निवास स्थान पर स्वाति मालीवाल की बेज्जती हुई थी ।अरविंद केजरीवाल के घर में उसके साथ जो दुर्व्यवहार हुआ वह एक महत्वपूर्ण बात है । तो अब ऐसा है कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि उनकी सदस्यता कभी भी रद्द नहीं हो सकती और वह अब भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा के सदस्य हैं एवं वैधानिक रूप से सांसद हो गए हैं ।

राघव चड्ढा के खुलासे

राघव चड्ढा ने केजरीवाल के विषय में जो खुलासे करने अभी शुरू किए हैं उसमें उन्होंने यह बताया कि वह एक कॉम्प्रोमाइज नेता है तो एक खुलासा उन्होंने किया है कि कंप्रोमाइज का अर्थ होता है कि अपने नीतियों से कोई समझौता करें और गलत तरीकों से कोई अपने फैसले ले ,इसके अंदर कॉम्प्रोमाइज का मतलब यही हुआ कि कोई या तो किसी विदेशी हाथ विदेशी के हाथों की कठपुतली है या कोई देश के साथ देश विरोधी गतिविधि कोई कर रहा है तो राघव चड्ढा का यह बयान कि वह एक कंप्रोमाइज नेता है आगे आने वाले दिनों में हमें पता चलेगा कि ऐसी कौन-कौन सी बातें हैं अरविंद केजरीवाल के विषय में जिनके कारण राघव चड्ढा ने ऐसा कहा हम इंतजार कर सकते हैं हम इंतजार करेंगे आगे और क्या-क्या देश के जितने भी देश विरोधी गतिविधि में संलग्न जो भी लोग हैं उन सबके मुखोटे एक-एक करके हम आने वाले दिनों में देखेंगे कि कैस

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.