- पीएम राहत योजना में घायल मरीजों को भर्ती से इनकार करने पर अस्पतालों पर कार्रवाई
- बिना दस्तावेज़ी प्रक्रिया के 7 दिन तक ₹1.5 लाख का मुफ्त इलाज
- e-DAR पोर्टल पर 24 घंटे में जानकारी अनिवार्य
- अस्पतालों, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को समन्वय के निर्देश
- जनता को योजना के बारे में जागरूक करने पर जोर
समग्र समाचार सेवा
मंगलुरु | 27 जुलाई :दक्षिण कन्नड़ के सांसद कैप्टन बृजेश चौटा ने जिले के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल उपचार और आश्वस्त इलाज (PM-RAHAT) योजना का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। अगर कोई अस्पताल सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों को भर्ती या इलाज से इनकार करता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रतिनिधियों के साथ बैठक में सांसद चौटा ने कहा कि इस योजना के तहत घायल व्यक्तियों को बिना किसी दस्तावेजी कार्रवाई के 7 दिनों तक ₹1.50 लाख तक का मुफ्त आपातकालीन इलाज मिल सकता है। योजना का उद्देश्य है कि आम जनता को घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने में कोई डर या झिझक न हो। केंद्र ने 2025 में योजना शुरू की थी, राज्य सरकार ने फरवरी 2026 से लागू किया।
सांसद ने कहा कि अस्पतालों के लिए ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (e-DAR) पोर्टल पर 24 घंटे के भीतर (गंभीर मामलों में 48 घंटे) जानकारी अपलोड करना अनिवार्य है। पुलिस द्वारा सत्यापन के बाद इलाज के खर्च का भुगतान सरकार करेगी। समयसीमा में जानकारी न देने पर दुर्घटना पीड़ित को मुफ्त इलाज से वंचित होना पड़ सकता है।
चौटा ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी तालुक स्तर के प्रमुख अस्पतालों में बैठक कर योजना का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही, पीड़ितों का डेटा व्यवस्थित रूप से संकलित किया जाए और हर महीने समीक्षा बैठक हो। अस्पताल स्तर पर भी आम जनता को योजना की जानकारी दी जाए और स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग मिलकर लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचाएं।
बैठक में मंगलुरु शहर दक्षिण विधायक डी. वेदव्यास कामथ ने भी कहा कि लोगों को भी दुर्घटना पीड़ितों को बिना डर के अस्पताल पहुंचाने में मदद करनी चाहिए। योजना का मुख्य उद्देश्य है—दुर्घटना के बाद आपातकाल में जान बचाना।