दिल्ली प्रदर्शन पर सख्ती: सुप्रीम कोर्ट बोला—शांतिपूर्ण आंदोलन संवैधानिक अधिकार
पुलिस के लिए गाइडलाइंस पर विचार
- सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताया
- पुलिस की कार्रवाई पर एकरूप दिशानिर्देश बनाने का संकेत
- 28 जुलाई को पेपर लीक और पुलिस ज्यादती से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई
- संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई भी जांच के दायरे में
- देशभर में प्रदर्शनों को लेकर अदालत की बड़ी टिप्पणी
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली , 27 जुलाई : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान में पूरी तरह संरक्षित है और अदालत देशभर में परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा की गई सख्ती समेत कई याचिकाओं पर 28 जुलाई (मंगलवार) को सुनवाई करेगी। इनमें 20 जुलाई को काकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में संसद मार्च के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने संकेत दिया कि अदालत भविष्य में देशभर में बड़े विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर एकरूप दिशानिर्देश (यूनिफार्म गाइडलाइंस) तैयार करने पर भी विचार कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण और वैध प्रदर्शन का अधिकार संविधान द्वारा पूरी तरह गारंटीड है और इसे संरक्षित किया जाना चाहिए।