- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया।
- ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को संदेश दिया—भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा।
- पाकिस्तान में छिपे आतंकियों का सफाया कर भारतीय सेना ने साहस का परिचय दिया।
- शिविर में महाराष्ट्र के 1,000 से ज्यादा खिलाड़ी और पहलवान रक्तदाता बने।
- रक्तदान को ‘जीवनदान’ और ‘महादान’ बताते हुए, युवाओं को रक्तदान को संस्कृति बनाने की अपील।
- AFMS के लिए रक्त भंडार तैयार रहना जरूरी, सैनिकों व उनके परिवारों के लिए बड़ा सहारा।
- किले इंडिया, फिट इंडिया जैसी पहलों के जरिए युवाओं को फिटनेस अपनाने की प्रेरणा।
- छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को याद करते हुए, महाराष्ट्र की वीरता और दया पर जोर।
समग्र समाचार सेवा
दिल्ली, 9 अगस्त : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली छावनी के बेस अस्पताल में ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पूरी दुनिया को संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर सीमा तक जा सकता है।
उन्होंने कहा—रक्तदान को जीवनदान और महादान मानें, क्योंकि विज्ञान और चिकित्सा में इतनी प्रगति के बावजूद, मानव रक्त का कोई विकल्प नहीं है।
इस शिविर में महाराष्ट्र के 1,000 से ज्यादा खिलाड़ी और पहलवानों ने भाग लिया, जो सेवा और एकता की अद्भुत मिसाल है।
रक्षा मंत्री ने युवाओं से अपील की कि फिटनेस को जीवनशैली बनाएं और रक्तदान को संस्कृति।
सैनिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए रक्तदान को सबसे बड़ा दान बताया गया।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई सैन्य और नागरिक अधिकारी मौजूद रहे।