समग्र समाचार सेवा
बेंगलुरु,30 अगस्त : कर्नाटक सरकार ने Gruha Lakshmi योजना के लाभार्थियों के पुनः सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 30 अगस्त से शुरू हुई इस प्रक्रिया में लाभार्थियों की पहचान की पुष्टि के लिए बायोमेट्रिक और चेहरे की पहचान तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
Gruha Lakshmi योजना के तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता दी जाती है। कर्नाटक सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह योजना महिला मुखियाओं को प्रतिमाह वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।
सरकार ने लाभार्थियों के रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाने और अपात्र लोगों को योजना से बाहर करने के उद्देश्य से सत्यापन अभियान शुरू किया है। रिपोर्टों के अनुसार कुछ मामलों में लाभार्थियों की मृत्यु, स्थानांतरण या कर संबंधी स्थिति में बदलाव के बावजूद योजना का लाभ जारी रहने की जानकारी सामने आई थी।
सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए लाभार्थी की पहचान को सरकारी रिकॉर्ड से मिलाया जाएगा।
इस अभियान को सामाजिक कल्याण योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, बड़ी संख्या में लाभार्थियों के सत्यापन के कारण प्रशासन के सामने तकनीकी और जमीनी स्तर पर चुनौतियां भी हो सकती हैं।
Gruha Lakshmi कर्नाटक सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित कल्याण योजनाओं में शामिल है। हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता का इस्तेमाल परिवारों द्वारा घरेलू जरूरतों के लिए किया जाता है। इसलिए सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पात्र लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
सरकार का प्रयास है कि सत्यापन के बाद योजना का पैसा केवल पात्र लाभार्थियों के खातों में पहुंचता रहे और सरकारी धन के गलत इस्तेमाल की संभावनाओं को कम किया जा सके।