नेपाल की भीषण बाढ़ पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जताई गहरी संवेदना
आरएसएस ने नेपाल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए हरसंभव सहायता और राहत कार्यों में सहयोग का भरोसा दिया है।
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने नेपाल में आए विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण हुई भारी तबाही पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।
- आरएसएस के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पीड़ितों के प्रति पूर्ण एकजुटता और समर्थन का संकल्प लिया है।
- संघ ने अपने स्वयंसेवकों को राहत कार्यों में सहयोग करने के लिए तैयार रहने को कहा है और आम जनता से भी मदद के लिए आगे आने की अपील की है।
नई दिल्ली, 1 सितंबर: पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आए भयंकर बाढ़, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के कारण मची तबाही ने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया है। इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग लापता या बेघर हो गए हैं। इस संकट की घड़ी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने नेपाल के आपदा प्रभावित नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की है। संघ के शीर्ष नेतृत्व की ओर से जारी संदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत और नेपाल के सांस्कृतिक व आत्मीय रिश्ते सदियों पुराने हैं, और इस संकट में भारत पूरी तरह से नेपाली नागरिकों के साथ खड़ा है।
दत्तात्रेय होसबोले की ओर से जारी किया गया आधिकारिक बयान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि संकट की इस इस घड़ी में संघ का प्रत्येक कार्यकर्ता नेपाल के पीड़ित परिवारों और घायलों के साथ पूरी सहानुभूति रखता है। बयान में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि बुधवार सुबह नेपाल के उत्तरी सीमावर्ती जिलों में आई इस भयंकर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
उत्तरी सीमावर्ती जिलों में हुआ है व्यापक नुकसान
आरएसएस के बयान के अनुसार, नेपाल के कई प्रमुख उत्तरी सीमावर्ती जिले इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इनमें रसुवा (Rasuwa), धादिंग (Dhading), नुवाकोट (Nuwakot), चितवन (Chitwan) और पूर्वी नवलपरासी (East Nawalparasi) जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर संपत्ति और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। इन क्षेत्रों में हजारों लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
राहत कार्यों में सहयोग और आम जनता से अपील
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्पष्ट किया है कि उसके स्वयंसेवक स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के साथ मिलकर हरसंभव मदद पहुँचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। संघ ने संकटग्रस्त लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसके साथ ही, समाज के सभी वर्गों और सक्षम नागरिकों से भी यह अपील की गई है कि वे इस अभूतपूर्व संकट की स्थिति में आगे आएं और बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपना सामूहिक योगदान दें। संघ का मानना है कि इस कठिन परिस्थिति से उबरने के लिए आपसी सहयोग और मानवीय भावना सबसे बड़ा संबल साबित होगी।