संजूक्ता पराशर बनीं कोबरा बटालियन की पहली महिला प्रमुख
देश के सुरक्षा बलों में ऐतिहासिक बदलाव, 'आयरन लेडी' के नाम से विख्यात आईपीएस अधिकारी को मिली सीआरपीएफ की खूंखार कमांडो यूनिट की कमान।
- असम की ‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर आईपीएस अधिकारी संजुक्ता पराशर को सीआरपीएफ की विशेष कोबरा (COBRA) यूनिट का पहला महिला प्रमुख नियुक्त किया गया है।
- उनकी यह नियुक्ति भारत के सुरक्षा बलों में महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व और उनके अदम्य साहस को एक नया आयाम देती है।
- संजुक्ता पराशर अपने निडर और कड़े तेवरों के लिए जानी जाती हैं, जिन्होंने पूर्वोत्तर में उग्रवाद के खिलाफ कई सफल अभियानों का नेतृत्व किया है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 17 सितंबर: भारतीय सुरक्षा बलों और देश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। असम की प्रतिष्ठित और निडर आईपीएस अधिकारी संजुक्ता पराशर को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की विशेष और सबसे खतरनाक जंग लड़ने वाली कमांडो यूनिट—कोबरा (COBRA – Commando Battalion for Resolute Action) का पहला महिला प्रमुख नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति न केवल भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए बल्कि देश भर की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक मील का पत्थर है। संजुक्ता पराशर ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट देशभक्ति और असाधारण नेतृत्व क्षमता के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है।
उग्रवाद के खिलाफ अभियानों का शानदार इतिहास
संजूक्ता पराशर मूल रूप से असम की रहने वाली हैं और 2006 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें उनके कड़े प्रशासनिक तेवरों और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए ‘असम की आयरन लेडी’ के रूप में जाना जाता है। अपने करियर के शुरुआती दौर में जब वे असम के बोडोलैंड जैसे अशांत और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में तैनात थीं, तब उन्होंने बोडो उग्रवादियों के खिलाफ कई बेहद खतरनाक अभियानों का खुद नेतृत्व किया था। जंगलों में रहकर उग्रवादियों की नींद उड़ा देने वाली संजुक्ता पराशर ने हमेशा से यह साबित किया है कि देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मामले में वे किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
कोबरा यूनिट की ताकत और नई जिम्मेदारी
सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट देश की सबसे बेहतरीन और विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो इकाइयों में से एक है, जिसे मुख्य रूप से वामपंथी उग्रवाद (Naxalism) और जंगलों में होने वाली छापामार लड़ाइयों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। इस विशिष्ट यूनिट के प्रमुख के रूप में संजुक्ता पराशर की नियुक्ति से सुरक्षा बलों के मनोबल में जबरदस्त वृद्धि हुई है। उनकी यह नई भूमिका इस बात का प्रतीक है कि भारतीय सुरक्षा तंत्र में अब महिला अधिकारियों को उनकी योग्यता और युद्ध कौशल के आधार पर सबसे संवेदनशील और शीर्ष रणनीतिक जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
देश भर में प्रेरणा का स्रोत बनीं संजुक्ता
एक कुशल प्रशासक, मां और एक सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में संतुलन बनाते हुए संजुक्ता पराशर ने हमेशा युवाओं और विशेषकर युवतियों के लिए एक रोल मॉडल का काम किया है। जब भी देश में महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व क्षमता की बात आती है, उनका नाम बेहद आदर के साथ लिया जाता है। कोबरा यूनिट की कमान संभालने के बाद उन पर देश के सबसे संवेदनशील इलाकों में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। उनके इस ऐतिहासिक चयन से यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय महिलाएं देश की रक्षा और सुरक्षा की पहली पंक्ति में पूरी मजबूती के साथ खड़ी हैं।