राष्ट्रपति मुर्मु को छह देशों के नवनियुक्त दूतों ने सौंपे परिचय पत्र

राष्ट्रपति भवन में संपन्न हुए विशेष कूटनीतिक समारोह में विभिन्न देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों ने औपचारिक रूप से अपना पदभार संभाला।

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  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में छह अलग-अलग देशों के नवनियुक्त राजदूतों और उच्चायुक्तों के परिचय पत्र (Credentials) स्वीकार किए हैं।
  • इस कूटनीतिक कार्यक्रम के तहत भारत और संबंधित मित्र देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, आपसी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
  • राष्ट्रपति ने सभी विदेशी दूतों का स्वागत करते हुए उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं और वैश्विक शांति व समृद्धि के साझा संकल्प को दोहराया।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26 सितंबर: भारत के साथ वैश्विक कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती देते हुए, राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य और औपचारिक समारोह के दौरान छह देशों के नवनियुक्त राजदूतों और उच्चायुक्तों ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपने परिचय पत्र (Credentials) प्रस्तुत किए। इस गरिमामयी अवसर पर राष्ट्रपति सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति ने सभी विदेशी मिशन प्रमुखों का भारत में स्वागत किया और उनके साथ दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।

द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी पर जोर

परिचय पत्र स्वीकार करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी दूतों से संवाद करते हुए इस बात पर बल दिया कि भारत हमेशा से ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ वैश्विक समुदाय के साथ मिलकर काम करने में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि भारत और इन मित्र देशों के बीच आपसी साझेदारी न केवल द्विपक्षीय हितों को साधने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक शांति, स्थिरता और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मददगार साबित होगी। भारत सरकार की ओर से सभी नवनियुक्त राजनयिकों को उनके कार्यकाल के दौरान पूर्ण सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया गया।

कूटनीतिक जगत में इस आयोजन का महत्व

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में परिचय पत्र प्रस्तुत करने का यह अनुष्ठान एक औपचारिक और अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, जिसके पूरा होने के बाद ही कोई राजदूत या उच्चायुक्त आधिकारिक रूप से अपने देश का प्रतिनिधित्व संबंधित मेजबान देश में करता है। इस उच्च-स्तरीय आयोजन के माध्यम से भारत की विदेश नीति को और अधिक विस्तार देने तथा विभिन्न महाद्वीपों के देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रगाढ़ करने की दिशा में एक और सफल कदम उठाया गया है। समारोह के अंत में सभी गणमान्य अतिथियों ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक तस्वीरें खिंचवाईं और भारत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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