वायनाड भूस्खलन: “मानवजनित आपदा”, केरल के दो मंत्रियों का बयान

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  •    भूस्खलन में 5 लोगों की मौत, 6 घायल, बचाव कार्य जारी
  • मंत्री बोले- “मानवजनित आपदा”, कंपनी की लापरवाही जिम्मेदार
  • कंपनी ने तकनीकी गलती से इनकार किया, प्रशासन ने दिए थे निर्देश
  • मुख्यमंत्री ने भी माना- समय पर चेतावनी के बावजूद कार्रवाई नहीं l

समग्र समाचार  सेवा

केरलम, वायनाड 7 जुलाई:   वायनाड जिले में रविवार को हुए भूस्खलन ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हुए। घटनास्थल सुरंग निर्माण परियोजना के पास है, जहाँ भारी बारिश के बाद मिट्टी का बड़ा ढेर अचानक धंस गया।

केरल के कृषि मंत्री टी सिद्दीकी और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इसे “मानवजनित आपदा” बताया है। दोनों मंत्रियों का आरोप है कि सुरंग परियोजना से निकाली गई मिट्टी को वैज्ञानिक तरीके से नहीं हटाया गया, जिससे यह हादसा हुआ।

मंत्रियों के अनुसार, जिला प्रशासन ने कंपनी को समय रहते मिट्टी हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। वहीं, निर्माण कंपनी दिलिप बिल्डकॉन ने किसी भी तकनीकी खामी से इनकार किया और सुरक्षा मानकों के पालन का दावा किया।

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने भी माना कि ठेकेदारों को पहले ही चेतावनी दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह इलाका पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील है और यहाँ प्राकृतिक आपदाओं की संभावना अधिक रहती है, ऐसे में परियोजना से निकली मिट्टी को तुरंत हटाना जरूरी था।

मुख्यमंत्री ने भी माना- समय पर चेतावनी के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई l स्थानीय लोगों और प्रशासन ने अब कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस हादसे ने राज्य में विकास परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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