- कन्हैया कुमार अपने एक मित्र के नाम से बुक कमरे की मांग को लेकर केरल हाउस गए थे
- वहां कमरा खाली न होने की जानकारी मिलने पर रेजिडेंट कमिश्नर पुनीत कुमार से उनका विवाद हुआ
- रेजिडेंट कमिश्नर ने दिल्ली पुलिस को बुलाकर कन्हैया कुमार को परिसर से हटवाया
- पुलिस ने उन्हें जाफरपुर कलां थाने ले जाकर हिरासत में लिया, कांग्रेस ने कानूनी सहायता भेजी
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली , 25 जुलाई :कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात केरल हाउस, जंतर-मंतर रोड से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी केरल हाउस के रेजिडेंट कमिश्नर पुनीत कुमार की शिकायत पर हुई। केरल हाउस इन दिनों छात्र आंदोलनों के केंद्र के पास स्थित है और पहले भी बड़े प्रदर्शनों के दौरान राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।
हिरासत के दौरान कन्हैया कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे केवल अपने मित्र से मिलने के लिए केरल हाउस आए थे। उन्होंने राज्यपाल के आगमन के संदर्भ में तंज कसते हुए कहा, “गवर्नर आ रहे थे, और गवर्नर किंग हैं।” साथ ही अपनी गिरफ्तारी को गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस की नीतियों का परिणाम बताया।
गौरतलब है कि केरल हाउस जंतर-मंतर के पास स्थित है, जहां इन दिनों केंद्र सरकार के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है। कन्हैया कुमार, पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष, छात्र मुद्दों—जैसे पेपर लीक और बेरोजगारी—पर अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि कानूनी सहायता भेजी जा रही है और मामले की आगे की जानकारी का इंतजार है। रेजिडेंट कमिश्नर पुनीत कुमार ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।