- राम मंदिर दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जाँच अंतिम दौर में पहुँची
- श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने निगरानी और पारदर्शिता के लिए नई व्यवस्था लागू की
- दान पेटियों की गिनती, सीलिंग और ट्रांसपोर्ट की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग हो रही
- आठ सदस्यीय निगरानी टीम का गठन, बैंक अधिकारी और निजी सुरक्षाकर्मी शामिल
- पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया, जाँच रिपोर्ट जल्द
समग्र समाचार सेवा
अयोध्या, 2 अगस्त: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और बहुमूल्य चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच अब अंतिम चरण में है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि सोना, चाँदी व अन्य बहुमूल्य चढ़ावे से जुड़ी जाँच तेजी से चल रही है। मंदिर परिसर में गठित जांच टीम लगातार पूछताछ कर रही है और ट्रस्ट ने पारदर्शिता के लिए व्यापक निगरानी लागू की है।
महंत दिनेंद्र दास ने स्पष्ट किया कि मंदिर में पूजा-अर्चना व धार्मिक कार्यक्रम सामान्य रूप से चल रहे हैं। ट्रस्ट ने हाल ही में दान संग्रह और गणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है—अब दान पेटियों की गिनती, सीलिंग और रिकॉर्डिंग के हर चरण की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है। इसके लिए 360 डिग्री कैमरे और दो पेशेवर वीडियोग्राफर तैनात हैं।
दान गणना कक्ष में बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में सीलिंग व सत्यापन की प्रक्रिया होती है ताकि वित्तीय जवाबदेही बनी रहे। नई व्यवस्था के तहत आठ सदस्यीय निगरानी दल बनाया गया है, जिसमें बैंक अधिकारी, ट्रस्ट प्रतिनिधि, निजी सुरक्षाकर्मी और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
कुछ हफ्ते पहले दान चोरी के मामले के बाद SIT का गठन हुआ था, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और जांच जारी है। ट्रस्ट का कहना है कि जाँच पूरी तरह निष्पक्ष है और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
ट्रस्ट ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दान प्रबंधन प्रणाली को तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बना दिया है।
राम मंदिर में दान का पारदर्शी प्रबंधन श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने के लिए जरूरी है।