पूनम शर्मा
दिशा सालियन केस एक बार फिर से सुर्खियों में है, जिसमें सीबीआई ने ताजा FIR दर्ज कर कई बड़े नामों को जांच के दायरे में लाया है। इस केस में सबसे ज्यादा चर्चा उस ‘मिस्ट्री गर्ल’ की हो रही है, जिसे दिशा को अस्पताल लाने वालों में देखा गया था।
क्या है मिस्ट्री गर्ल की भूमिका?
8 जून 2030 की रात, जब दिशा सालियन को अस्पताल लाया गया, पुलिस रिकॉर्ड्स में पहले कहा गया कि उसके साथ तीन लड़के थे। लेकिन मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने दर्ज किया कि वहां दो लड़के और एक लड़की भी थी। अब सवाल ये है कि वह लड़की कौन थी, और उसकी भूमिका क्या थी? इसी मिस्ट्री गर्ल को लेकर अब जांच तेज़ हो गई है।
बड़े नाम और मानहानि नोटिस
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने इस केस में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख जैसे बड़े नेताओं को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। उनका आरोप है कि इन दोनों ने उनके परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की है और साजिश के तहत झूठी बातें फैलाई हैं। उन्होंने बिना शर्त लिखित और वीडियो के माध्यम से माफीनामा माँगा है, जिसे सोशल मीडिया सहित सभी मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सार्वजनिक किया जाए। सतीश सालियान का कहना है कि जब तक यह माफीनामा नहीं आता, वह अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे। दूसरी ओर, जिन नेताओं का नाम इस पूरे प्रकरण में आया है, उनका कहना है कि यह एक राजनैतिक साजिश है और उनकी छवि खराब करने की कोशिश है। उनका दावा है कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं, और केस को मनगढ़ंत बताते हैं। फिर भी, कोर्ट के आदेश के बाद केस दोबारा खुला है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
सीबीआई जांच और नए आरोप
सीबीआई ने इस मामले में ताजा एफआईआर दर्ज की है, जिसमें कई बड़े नेताओं के साथ-साथ पुलिस अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। आरोप है कि इस केस से जुड़े कई सबूत मिटाने की कोशिश की गई, जिससे जाँच में बाधा आई। साथ ही, दिशा के पिता ने चाइल्ड ट्रैफिकिंग और अन्य संगठित अपराधों की भी आशंका जताई है।
सुशांत सिंह राजपूत केस से संबंध
इस केस को लेकर यह भी चर्चा है कि मिस्ट्री गर्ल वही है, जिसे सुशांत सिंह राजपूत के अपार्टमेंट के बाहर भी देखा गया था। कई लोग मानते हैं कि इन दोनों मामलों के बीच गहरा संबंध हो सकता है और यही वजह है कि दोनों की मौतें आज भी सवालों के घेरे में हैं।
आगे क्या?
सीबीआई अब इस मिस्ट्री गर्ल की पहचान और भूमिका की गहराई से जाँच कर रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अस्पताल लाने वाले तीनों लड़कों और उस लड़की से कड़ी पूछताछ के बाद केस की कई परतें खुल सकती हैं। अगर पुलिस ने सही तरीके से जांच की और मोबाइल टावर, सीसीटीवी फुटेज आदि डेटा को खंगाला तो सच्चाई सामने आ सकती है।
निष्कर्ष
दिशा सालियन केस केवल एक हाई-प्रोफाइल मौत का मामला नहीं, बल्कि इसमें राजनीति, अपराध और जाँच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मिस्ट्री गर्ल की पहचान और नेताओं पर लगे आरोपों के बीच देश इस केस की सच्चाई जानने का इंतजार कर रहा है।