समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14 अगस्त :डॉलर पर निर्भरता घटाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को आसान बनाने के लिए BRICS देश एक बड़े डिजिटल नेटवर्क की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, BRICS सदस्य अपने-अपने फास्ट पेमेंट सिस्टम—जैसे भारत का UPI—और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को एक-दूसरे से जोड़ने की योजना बना रहे हैं।
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि इस नए नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य सीमा पार (Cross-border) लेनदेन व रिमिटेंस को बेहद तेज, सुरक्षित और कम लागत वाला बनाना है। यदि यह सिस्टम लागू होता है, तो BRICS सदस्य देश डॉलर की जगह अपनी-अपनी स्थानीय मुद्राओं (जैसे भारतीय रुपया) में सीधा व्यापार कर सकेंगे। इससे विदेशी मुद्रा विनिमय शुल्क में भी उल्लेखनीय कमी आएगी और लेनदेन प्रक्रियाएं सरल होंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस नेटवर्क से फास्ट पेमेंट सिस्टम और डिजिटल करेंसी को जोड़कर BRICS देशों के बीच डिजिटल वित्तीय सहयोग को नया आयाम मिलेगा। इससे न केवल व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि डिजिटल मुद्रा के इस्तेमाल को भी नया विस्तार मिलेगा।
यह पहल वैश्विक भुगतान व्यवस्था में BRICS देशों की भूमिका को मजबूत करने और बहुपक्षीय विनिमय को प्रोत्साहित करने के लिए अहम मानी जा रही है।