18 सितंबर दैनिक राशिफल पंचांग

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🐏मेष
सप्तम भाव में चंद्रमा का गोचर व्यापारिक साझेदारों के साथ तालमेल बेहतर करेगा। नए सौदों में लाभ होगा। दफ्तर में सहयोगियों का समर्थन मिलेगा। लव लाइफ में निकटता आएगी, जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। धन आगमन के रास्ते खुलेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं।

🐂वृषभ
छठे भाव में चंद्रमा होने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। नौकरी-पेशा लोगों के लिए दिन अच्छा है। अटके हुए काम पूरे होंगे, कर्ज चुकाने में आसानी होगी। लव पार्टनर के साथ किसी बात पर बहस से बचें। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, बजट संभालें। पेट या पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है, खानपान संयमित रखें।

👫मिथुन
पंचम भाव का चंद्रमा बौद्धिक कार्यों, कला और मीडिया से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता दिलाएगा। व्यापार में नए विचारों से बड़ा फायदा होगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी, संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, निवेश के लिए दिन शुभ है। मानसिक रूप से तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करेंगे।

🦀कर्क
चतुर्थ भाव में चंद्र गोचर से घरेलू कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। प्रॉपर्टी से जुड़ा काम बन सकता है। कार्यक्षेत्र में मन थोड़ा विचलित रह सकता है, एकाग्रता बनाए रखें। परिवार और जीवनसाथी के साथ सुखद समय बीतेगा। वाहन या संपत्ति पर खर्च के योग हैं। छाती या कफ से जुड़ी समस्या हो सकती है, ठंडी चीजों से परहेज करें।

🐅सिंह
तृतीय भाव का चंद्रमा आपके पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा। छोटी यात्राएं लाभदायक रहेंगी। व्यापार विस्तार की योजनाएं सफल होंगी। लव पार्टनर के साथ संवाद मधुर रहेगा, साथ में यात्रा का प्लान बन सकता है। आर्थिक आवक अच्छी बनी रहेगी। शारीरिक स्फूर्ति बनी रहेगी, दिनभर तरोताजा रहेंगे।

🙎‍♀️कन्या
द्वितीय भाव में चंद्रमा होने से वाणी से लाभ होगा। बैंकिंग व सेल्स क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। व्यापार में अटका हुआ धन वापस आ सकता है। परिवार और पार्टनर के साथ संबंध मजबूत होंगे। संचित धन में वृद्धि होगी, बचत करने में सफलता मिलेगी। गले में थोड़ी खराश हो सकती है, गुनगुने पानी का सेवन करें।

⚖️तुला
आपकी ही राशि में चंद्रमा का गोचर होने से मानसिक शांति और आकर्षण बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में आपके फैसलों की तारीफ होगी, नई जिम्मेदारी मिल सकती है। दांपत्य जीवन में सुख-शांति रहेगी, लव लाइफ शानदार होगी। आर्थिक लाभ के नए अवसर प्राप्त होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, चेहरे पर तेज और मन में प्रसन्नता रहेगी।

🦂वृश्चिक
द्वादश भाव में चंद्रमा होने से अनावश्यक भागदौड़ और मानसिक तनाव रह सकता है। विदेशी स्रोतों या दूर के व्यापार से लाभ मिलने की संभावना है। लव पार्टनर की किसी बात से मन दुखी हो सकता है, बातचीत से सुलझाएं। अचानक अनचाहे खर्च सामने आ सकते हैं, लेनदेन में सतर्कता बरतें। आंखों में थकान या अनिद्रा की समस्या हो सकती है, पर्याप्त नींद लें।

🏹धनु
एकादश भाव में चंद्रमा का गोचर बड़े आर्थिक लाभ और इच्छाओं की पूर्ति का योग बना रहा है। व्यापार में बड़े क्लाइंट्स से फायदा होगा, करियर में पदोन्नति के संकेत हैं। मित्रों और लव पार्टनर के साथ आनंददायक समय बीतेगा। आय के नए-नए साधन बनेंगे, वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।

🐊मकर
दशम भाव में चंद्रमा के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में नए सौदे फाइनल होंगे, सरकारी काम पूरे होंगे। लव लाइफ में काम की व्यस्तता के कारण कम समय दे पाएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, मेहनत का फल धन रूप में मिलेगा। कमर या घुटनों में हल्का दर्द संभव है, योग का सहारा लें।

🍯कुंभ
नवम भाव में चंद्रमा का गोचर भाग्य का पूरा साथ दिलाएगा। धार्मिक या व्यावसायिक यात्रा संभव है। उच्च शिक्षा व रिसर्च से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी। लव पार्टनर के साथ आध्यात्मिक या वैचारिक जुड़ाव गहरा होगा। अटके हुए पैसे वापस मिलेंगे, अचानक धन लाभ हो सकता है। मानसिक रूप से बेहद शांत और स्वस्थ महसूस करेंगे।

🐟मीन
अष्टम भाव में चंद्रमा होने से कार्यों में अचानक रुकावटें आ सकती हैं। जोखिम लेने से बचें। व्यापारिक मामलों में जल्दबाजी में निर्णय न लें, कागजी कार्रवाई ध्यान से करें। प्रेम संबंधों में गलतफहमी से बचें, संयम से काम लें। खर्चों पर नियंत्रण रखें, उधारी देने से बचें। वाहन सावधानी से चलाएं और खानपान पर विशेष ध्यान दें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

————————————
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

|| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||
🪷🙏 पंचांग 🙏🪷
🎈🍂🥀🪻🦜🙏🌼💮🌹🏵️

दिनाँक:-18/09/2026,शुक्रवार
सप्तमी, शुक्ल पक्ष,
भाद्रपद
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——- सप्तमी 13:00:25. तक
पक्ष———————– शुक्ल
नक्षत्र——— ज्येष्ठा 22:43:45
योग———– प्रीति 13:33:37
करण‐——- वणिज 13:00:25
करण—– विष्टि भद्र 26:12:37
वार——————— शुक्रवार
माह——————— भाद्रपद
चन्द्र राशि—- वृश्चिक 22:43:45
चन्द्र राशि——————- धनु
सूर्य राशि—————— कन्या
रितु———————— शरद
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————– रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127

वृन्दावन
सूर्योदय—‐——— 06:06:51
दिन काल———– 12:12:36
चंद्रोदय————– 12:46:13
सूर्यास्त————– 18:19:28
रात्री काल———– 11:47:51
चंद्रास्त————– 22:58:25

लग्न—-कन्या 0°54′, 150°54′

सूर्य नक्षत्र——– उत्तराफाल्गनी
चन्द्र नक्षत्र—————- ज्येष्ठा
नक्षत्र पाया—————– ताम्र

💮🚩💮 पद, चरण 💮🚩💮

या—- ज्येष्ठा 09:16:30

यी—- ज्येष्ठ 15:59:47

यू—- ज्येष्ठा 22:43:45

ये—- मूल 29:28:11

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कन्या 00°30 , उoफाo 2 टो
चन्द्र= वृश्चिक 21°30 , ज्येष्ठा 2 या
बुध = कन्या 17°52 ‘ हस्त 3 ण
शु क्र= तुला 10°05, स्वाति 2 रे
मंगल= मिथुन 29°17 पुनर्वसु 3 हा
गुरु= कर्क 22°33 आश्लेषा , 2 डू
शनि=मीन 18°10 ‘ रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 04°15 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 04°15 मघा 2 मी
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 10:42 – 12:13 अशुभ
यम घंटा 15:16 – 16:48 अशुभ
गुली काल 07:38 – 09:10 अशुभ
अभिजित 11:49 – 12:38 शुभ
दूर मुहूर्त 08:33 – 09:22 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:38 – 13:26 अशुभ
प्रदोष 18:19 – 20:43 शुभ

🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

चर 06:07 – 07:38 शुभ
लाभ 07:38 – 09:10 शुभ
अमृत 09:10 – 10:42 शुभ
काल 10:42 12:13 अशुभ
शुभ 12:13 – 13:45 शुभ
रोग 13:45 – 15:16 अशुभ
उद्वेग 15:16 – 16:48 अशुभ
चर 16:48 18:19 शुभ

🚩चोघडिया, रात

रोग 18:19 – 19:48 अशुभ
काल 19:48 21:16 अशुभ
लाभ 21:16 – 22:45 शुभ
उद्वेग 22:45 – 24:13* अशुभ
शुभ 24:13* – 25:42* शुभ
अमृत 25:42* – 27:10* शुभ
चर 27:10* – 28:39* शुभ
रोग 28:39* – 30:07* अशुभ

💮होरा, दिन

शुक्र 06:07 -07:08
बुध 07:08- 08:09
चन्द्र 08:09 -09:10
शनि 09:10 -10:11
बृहस्पति 10:11- 11:12
मंगल 11:12- 12:13
सूर्य 12:13- 13:14
शुक्र 13:14- 14:15
बुध 14:15- 15:16
चन्द्र 15:16- 16:17
शनि 16:17 -17:18
बृहस्पति 17:18- 18:19

🚩होरा, रात

मंगल 18:19- 19:18
सूर्य 19:18 -20:17
शुक्र 20:17- 21:16
बुध 21:16- 22:15
चन्द्र 22:15 -23:14
शनि 23:14- 24:13
बृहस्पति 24:13-25:12
मंगल 25:12-26:11
सूर्य 26:11-27:10
शुक्र 27:10-28:09
बुध 28:09- 29:08
चन्द्र 29:08-30:07

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

कन्या > 06:12 से 08:28 तक
तुला > 08:28 से 10:36 तक
वृश्चिक > 10:36 से 13:04 तक
धनु > 13:03 से 15:04 तक
मकर > 15:04 से 16:50 तक
कुम्भ > 16:50 से 18:28 तक
मीन > 18:28 से 19:58 तक
मेष > 19:58 से 21:32 तक
वृषभ > 21:32 से 23:22 तक
मिथुन > 23:22 से 01:34 तक
कर्क > 01:34 से 03:44 तक
सिंह > 03:50 से 06:12 तक
=======================

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

7 + 6 + 1 = 14 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

7 + 7 + 5 = 19 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 13:00 से 26:13 तक

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*सन्तान सप्तमी

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

वृध्द्काले मृता भार्या बन्धुहस्ते गतं धनम् ।
भाजनं च पराधीनं स्त्रिः पुँसां विडम्बनाः ।।
।।चाoनीo।।

वह आदमी अभागा है जो अपने बुढ़ापे में पत्नी की मृत्यु देखता है. वह भी अभागा है जो अपनी सम्पदा संबंधियों को सौप देता है. वह भी अभागा है जो खाने के लिए दुसरो पर निर्भर है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11

न तु मां शक्यसे द्रष्टमनेनैव स्वचक्षुषा।
दिव्यं ददामि ते चक्षुः पश्य मे योगमैश्वरम्‌॥

परन्तु मुझको तू इन अपने प्राकृत नेत्रों द्वारा देखने में निःसंदेह समर्थ नहीं है, इसी से मैं तुझे दिव्य अर्थात अलौकिक चक्षु देता हूँ, इससे तू मेरी ईश्वरीय योग शक्ति को देख
॥8॥

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