- मानसून सीजन में भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने से 80 लोगों की मौत
- लाहौल-स्पीति में चट्टान गिरने से एक ही हादसे में 13 जानें गईं
- प्रदेशभर में 121 सड़कों पर यातायात ठप, अधिकतर संपर्क मार्ग बंद
- कांगड़ा के शाहपुर में बादल फटने से 18 घर और एक स्कूल बह गए
- राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार नुकसान 800-1000 करोड़ रुपये तक
- हाई-लेवल मीटिंग के बाद आपदा प्रबंधन के लिए इंटीग्रेटेड सिस्टम सक्रिय
समग्र समाचार सेवा
शिमला , 25 जुलाई :हिमाचल प्रदेश में मानसून के चलते भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है। अब तक प्रदेश में 80 लोगों की मौत हो चुकी है और 800-1000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान बताया जा रहा है। लगातार बारिश और पहाड़ दरकने की वजह से 121 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के स्पेशल सेक्रेटरी पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से मानसून से पहले ही तैयारियां कर ली गई थीं। सभी डिप्टी कमिश्नरों को जरूरी निर्देश और सहायता दी गई थी। जिला प्रशासन को हर हालात में तुरंत राहत और बचाव सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा—हर विभाग और एजेंसी मिलकर आपदा से निपटने के लिए एक्टिव है और इमरजेंसी में तेजी से कार्रवाई की जा रही है।