ITR :31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न फाइल हुए

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  • 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न फाइल हुए।
  • अंतिम तिथि बीतने के बाद अब लेट फीस ₹5000 तक देनी होगी।
  • आयकर विभाग ने समय पर रिटर्न भरने की अपील की थी।

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 2 अगस्त :आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई को समाप्त कर दी है। विभाग के अनुसार, इस साल रिकॉर्ड 5.9 करोड़ से अधिक करदाताओं ने समय रहते अपना ITR फाइल किया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रिटर्न फाइलिंग में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है, जिसे विभाग ने करदाताओं की बढ़ती जागरूकता और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली प्रक्रिया का नतीजा बताया है।

अब जो भी करदाता 31 जुलाई के बाद अपना ITR दाखिल करेंगे, उन्हें आयकर रिटर्न लेट फाइलिंग फीस के तौर पर ₹5,000 तक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत, यदि आपकी कुल आय ₹5 लाख से अधिक है और आपने देर से रिटर्न भरा है तो आपको ₹5,000 की लेट फीस देनी होगी। जिनकी आय ₹5 लाख से कम है, उनके लिए यह शुल्क ₹1,000 है।

आयकर विभाग ने साफ किया है कि समय पर रिटर्न फाइल न करने पर न सिर्फ जुर्माना देना होगा, बल्कि रिफंड प्रोसेसिंग में भी देरी हो सकती है। साथ ही, देर से फाइलिंग करने वालों को ब्याज के साथ अतिरिक्त टैक्स की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ सकती है। इससे टैक्सपेयर्स को नुकसान हो सकता है।

विभाग ने करदाताओं को सलाह दी है कि भविष्य में समय रहते रिटर्न फाइल करें और ऑनलाइन पोर्टल का अधिकतम लाभ उठाएं। विभाग ने ई-फाइलिंग पोर्टल को लगातार बेहतर बनाने के लिए कई नए फीचर्स और सहायता उपलब्ध कराई है, जिससे रिटर्न दाखिल करना अब पहले से ज्यादा आसान हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर ITR फाइल करने से कानूनी और वित्तीय जटिलताओं से बचा जा सकता है। साथ ही, लोन, वीजा और अन्य वित्तीय सेवाओं में भी आसानी रहती है।
आयकर विभाग ने बताया कि अब जिन लोगों ने रिटर्न फाइल नहीं किया है, वे जल्द से जल्द अपनी ITR दाखिल कर लेट फीस से बच सकते हैं, हालांकि डेडलाइन बीत चुकी है।

देश भर में टैक्सपेयर्स के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, खासकर उन लोगों के लिए जो अभी तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं।

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