- त्रिपुरा कैडर के निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक चंद्रा की 1.12 करोड़ की संपत्ति ईडी ने जब्त की
- मामला मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी सरकारी दस्तावेजों से धोखाधड़ी से जुड़ा
- ईडी ने कई फर्मों और शेल कंपनियों के जरिए अपराध की राशि ट्रेस की
- जांच अभी जारी, कुल 1.63 करोड़ की संपत्तियां अब तक जब्त
समग्र समाचार सेवा
अगरतला, 2 अगस्त: त्रिपुरा कैडर के निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक चंद्रा का नाम मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में सामने आया है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1.12 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया है। ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां शेल कंपनियों के बैंक खातों और एक निजी हाउसिंग कंपनी के नाम पर मिली हैं, जिनसे अपराध की आय को ट्रेस किया गया।
मामला सरकारी अधिकारियों की पहचान का फर्जीवाड़ा और सरकारी संस्थाओं जैसी दिखने वाली संस्थाओं के माध्यम से निवेशकों और व्यापारियों से धोखाधड़ी से जुड़ा है। ईडी ने पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी, जिसमें अभिषेक चंद्रा, उत्पल कुमार चौधुरी और अन्य के खिलाफ ठगी, जालसाजी और विश्वास भंग जैसी धाराएं शामिल हैं।
जांच में पता चला कि चौधुरी ने खुद को गृह मंत्रालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर फर्जी पहचान पत्र बनवाए और सरकारी संस्थाओं जैसी दिखने वाली फर्में बनाईं। अभिषेक चंद्रा को अपराध की राशि सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से उनके बैंक अकाउंट में मिली, जिसमें एक फ्लैट की बुकिंग के लिए की गई पेमेंट भी शामिल है।
यह मामला पहला नहीं है; इससे पहले भी एक फर्म ने चंद्रा और अन्य के खिलाफ फर्जी टेंडर के जरिए 14.55 करोड़ की ठगी का आरोप लगाया था। अब तक कुल 1.63 करोड़ की संपत्तियों की जब्ती की जा चुकी है, और ईडी की जांच जारी है।