- असम के उदलगुरी जिले के अंगरजुली गांव के संरक्षण कार्यकर्ता डिडोम दाइमारी को राष्ट्रपति भवन के प्रतिष्ठित ‘एट होम’ स्वतंत्रता दिवस रिसेप्शन के लिए आमंत्रित किया गया।
- दाइमारी ने भैरवकुंडा लैंडस्केप में सामुदायिक संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने में एक दशक से अधिक समय तक उल्लेखनीय योगदान दिया।
- वे धानसिरी-सिकारीडांगा ज्वाइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट कमेटी के सक्रिय सदस्य, पर्यावरण शिक्षा, मानव-हाथी संघर्ष समाधान, इको-टूरिज्म और आजीविका संवर्धन में सक्रिय।
- BTC टूरिज्म और असम टूरिज्म द्वारा मान्यता प्राप्त इको-टूरिज्म गाइड, भैरवकुंडा इको-टूरिज्म एंड कंजर्वेशन सोसाइटी के अध्यक्ष।
- संगठन आरनायक और स्थानीय समुदायों ने इस सम्मान को क्षेत्र के सामूहिक संरक्षण प्रयासों की जीत बताया।
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 3 अगस्त:असम के अंगरजुली गांव के ग्रासरूट संरक्षण नायक डिडोम दाइमारी को राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले ‘एट होम’ रिसेप्शन में आमंत्रित किया गया है। यह निमंत्रण भैरवकुंडा लैंडस्केप में उनकी वर्षों की सामुदायिक संरक्षण और सतत विकास की प्रतिबद्धता को मान्यता देता है।
दाइमारी ने बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के वन विभाग और धानसिरी फॉरेस्ट डिवीजन के साथ मिलकर वन्यजीव संरक्षण, मानव-हाथी संघर्ष समाधान, पर्यावरण शिक्षा, सामुदायिक भागीदारी और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है।
वे भैरवकुंडा इको-टूरिज्म एंड कंजर्वेशन सोसाइटी के अध्यक्ष और अंगरजुली होमस्टे कमेटी का नेतृत्व भी करते हैं, जिससे क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन और आजीविका संवर्धन को बढ़ावा मिला है।
इस सम्मान को दाइमारी की अथक मेहनत और क्षेत्र के सामूहिक संरक्षण प्रयासों के प्रति देश की ओर से बड़ी स्वीकृति माना जा रहा है।
आरनायक संस्था और स्थानीय समुदाय ने दाइमारी को बधाई दी और कहा कि यह सम्मान पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।