3 अगस्त दैनिक राशिफल पंचांग

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🐏मेष
निवेश के सुखद परिणाम आएंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। किसी बड़ी बाधा के दूर होने से प्रसन्नता रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। पुराना रोग उभर सकता है। विवाद से क्लेश संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

🐂वृषभ
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। व्यस्तता रहेगी। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों से अपेक्षा पूर्ण नहीं होने से खिन्नता रहेगी। कार्य में विलंब होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी।

👫मिथुन
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ रहेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। निवेश शुभ रहेगा। आय होगी। प्रमाद न करें। पुराने शत्रु परेशान कर सकते हैं। थकान व कमजोरी रह सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी।

🦀कर्क
कारोबार में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। नए व्यापारिक अनुबंध होंगे। धनार्जन होगा। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शत्रु परास्त होंगे। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें।

🐅सिंह
कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। परिवार के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबार अच्छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्नता रहेंगे। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

🙎‍♀️कन्या
धनलाभ के अवसर प्राप्त होंगे। आय में निश्चितता होगी। ऐश्वर्य पर व्यय होगा। वाहन व मशीनरी आदि के प्रयोग में सावधानी रखें, विशेषकर स्त्रियां रसोई में ध्यान रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। भाइयों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। कुसंगति से हानि होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा।

⚖️तुला
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेशादि शुभ रहेंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। स्त्री पक्ष से लाभ होगा। अज्ञात भय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। शत्रु परास्त होंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🦂वृश्चिक
आय में वृद्धि होगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। कोई बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भाग्य बेहद अनुकूल है, लाभ लें। चोट व रोग से बचें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी अपरिचित पर अतिविश्वास न करें।

🏹धनु
भागदौड़ रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। किसी गलती का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जल्दबाजी व लापरवाही न करें। अज्ञात भय सताएगा। पुराना रोग उभर सकता है।

🐊मकर
आज लेन-देन में विशेष सावधानी रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। दु:खद समाचार मिल सकता है। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। व्यर्थ भागदौड़ होगी। कार्य में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है।

🍯कुंभ
पराक्रम बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। किसी बड़े काम को करने में रुझान रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। चोट व रोग से बचें। सुख के साधन जुटेंगे। घर में तनाव रह सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

🐟मीन
आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। विवेक से कार्य करें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। प्रमाद न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
————————————
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे ,

| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||
📿🙏 पंचांग 🙏📿
🌺🌹🦚🪷💮🙏🏵️🍁🪻🌷

दिनाँक:-03/08/2026,सोमवार
पंचमी, कृष्ण पक्ष,
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——— पंचमी 22:53:34 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र——–उoभाo 21:59:20
योग——— सुकर्मा 21:12:22
करण——– कौलव 11:07:47
करण——— तैतुल 22:53:34
वार——————— सोमवार
माह——————— श्रावण
चन्द्र राशि—————— मीन
सूर्य राशि——————- कर्क
रितु———————— वर्षा
आयन————— दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)————— रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————- 05:44:41
सूर्यास्त————– 19:05:48
दिन काल———– 13:21:06
रात्री काल———– 10:39:25
चंद्रास्त————– 09:52:12
चंद्रोदय————– 21:48:46

लग्न—-कर्क 16°29′, 106°29′

सूर्य नक्षत्र—————— पुष्य
चन्द्र नक्षत्र——— उत्तराभाद्रपद
नक्षत्र पाया—————– ताम्र

💮🚩💮 पद, चरण 💮🚩💮

थ—- उत्तराभाद्रपद 09:51:20

झ—- उत्तराभाद्रपद 15:56:15

ञ—-उत्तराभाद्रपद 21:59:201

दे—- रेवती 28:00:34

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 16°30 , पुष्य 4 ड
चन्द्र= मीन 07°30 , उo भाo 2 थ
बुध = मिथुन 27°52 ‘ पुनर्वसु 3 हा
शु क्र= कन्या 01°05, उoफाo 2 टो
मंगल= मिथुन 00°17 मृगशिरा 2
गुरु= कर्क 12°33 पुष्प , 3 हो
शनि=मीन 20°30 ‘ रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°41शतभिषा , 1 गो
केतु= (व) सिंह 06°41 मघा 3 मू
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 07:25 – 09:05 अशुभ
यम घंटा 10:45 – 12:25 अशुभ
गुली काल 14:05 – 15:46 अशुभ
अभिजित 11:59 – 12:52 शुभ
दूर मुहूर्त 12:52 – 13:45 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:32 – 16:26 अशुभ
वर्ज्यम 07:25 – 09:03 अशुभ
प्रदोष 19:06 – 21:15 शुभ

💮गंड मूल 21:59 – अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक 4 अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया,दिन

अमृत 05:45 – 07:25 शुभ
काल 07:25 – 09:05 अशुभ
शुभ 09:05 – 10:45 शुभ
रोग 10:45 – 12:25 अशुभ
उद्वेग 12:25 – 14:05 अशुभ
चर 14:05 15:46 शुभ
लाभ 15:46 – 17:26 शुभ
अमृत 17:26 – 19:06 शुभ

🚩चोघडिया, रात

चर 19:06 – 20:26 शुभ
रोग 20:26 – 21:46 अशुभ
काल 21:46 23:06 अशुभ
लाभ 23:06 24:26* शुभ
उद्वेग 24:26* – 25:45* अशुभ
शुभ 25:45* – 27:05* शुभ
अमृत 27:05* – 28:25* शुभ
चर 28:25* – 29:45* शुभ

💮होरा, दिन

चन्द्र 05:45- 06:51
शनि 06:51- 07:58
बृहस्पति 07:58 -09:05
मंगल 09:05- 10:12
सूर्य 10:12 -11:18
शुक्र 11:18- 12:25
बुध 12:25 -13:32
चन्द्र 13:32 -14:39
शनि 14:39 -15:46
बृहस्पति 15:46 -16:52
मंगल:52 -17:59
सूर्य 17:59 -19:06

🚩होरा, रात

शुक्र 19:06 -19:59
बुध19:59 -20:52
चन्द्र 20:52 -21:46
शनि 21:46- 22:39
बृहस्पति 22:39 -23:32
मंगल 23:32 -24:26
सूर्य 24:26- 25:19
शुक्र 25:19- 26:12
बुध 26:12-27:05
चन्द्र 27:05-27:59
शनि 27:59-28:52
बृहस्पति 28:52-29:45

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

कर्क > 04:40 से 06:56 तक
सिंह > 06:56 से 09:12 तक
कन्या > 09:12 से 11:30 तक
तुला > 11:30 से 13:40 तक
वृश्चिक > 13:40 से 16:04 तक
धनु > 16:04 से 18:08 तक
मकर > 18:08 से 19:50 तक
कुम्भ > 19:50 से 21:30 तक
मीन > 21:30 से 22:58 तक
मेष > 22:58 से 00:36 तक
वृषभ > 00:36 से 02:22 तक
मिथुन > 02:22 से 04:34 तक
=======================

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 5 + 2 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

20 + 20 + 5 = 45 ÷ 7 = 3 शेष

वृषाभारूढ = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*नागपंचमी (मरूस्थल)

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

दुराचारी दुरादृष्टिर्दुरावासी च दुर्जनः ।
यन्मैत्रीक्रियते पुम्भिर्नरःशीघ्रं विनश्यति ।।
।।चाoनीo।।

जो व्यक्ति दुराचारी, कुदृष्टि वाले, एवं बुरे स्थान पर रहने वाले मनुष्य के साथ मित्रता करता है, वह शीघ्र नष्ट हो जाता है।

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्वच्छान्तिं निगच्छति।
कौन्तेय प्रतिजानीहि न मे भक्तः प्रणश्यति॥

वह शीघ्र ही धर्मात्मा हो जाता है और सदा रहने वाली परम शान्ति को प्राप्त होता है। हे अर्जुन! तू निश्चयपूर्वक सत्य जान कि मेरा भक्त नष्ट नहीं होता
॥31॥

💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

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