समग्र समाचार सेवा
वॉशिंगटन, 21 अगस्त :अमेरिका को अवसरों की धरती कहा जाता है, लेकिन हालिया एफबीआई रिपोर्ट के मुताबिक वहां हिंदुओं और सिखों के खिलाफ नफरत अपराधों में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है। जहां कुल हेट क्राइम्स में 2025 में 6.8% की गिरावट आई, वहीं हिंदू और सिख विरोधी घटनाओं में क्रमशः 12% और 24.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
एफबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में जहां सिखों के खिलाफ 142 हेट क्राइम्स हुए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 177 हो गया। इसी तरह, हिंदुओं के खिलाफ घटनाएं 25 से बढ़कर 28 हो गईं। बौद्ध धर्म के खिलाफ भी मामूली वृद्धि देखी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू मंदिरों पर हमले और तोड़फोड़, सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां, और भारतीय अमेरिकियों के खिलाफ नस्लीय कटाक्ष के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। 2025 में इंडियाना और कैलिफोर्निया के मंदिरों पर हमले, यूटा के इस्कॉन मंदिर पर गोलीबारी जैसी कई घटनाएं सामने आईं। एक सर्वे के मुताबिक, 2025 की शुरुआत से हर चार में एक भारतीय अमेरिकी को नस्लीय गाली दी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि H-1B वीज़ा विवाद, “भारतीयों द्वारा अमेरिकी नौकरियां छीनने” की धारणा, और नए भारतीय प्रवासियों के “समाज में ना घुलने” जैसे आरोप भी नफरत अपराधों को बढ़ाने वाले कारक हैं।
कई रिपब्लिकन नेताओं और सोशल मीडिया पोस्ट्स में हिंदू परंपराओं, मंदिरों और त्योहारों पर विरोध और अपमानजनक टिप्पणियां की जाती रही हैं। अमेरिकी समाज में यह धारणा भी बढ़ रही है कि भारतीय प्रवासी स्थानीय संस्कृति में घुलने की बजाय अपने व्यवसाय और परंपराओं तक सीमित रहते हैं।
इस बढ़ती नफरत को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन से भारतीय और सिख समुदायों ने सुरक्षा और सामाजिक समावेशन के लिए और प्रयास करने की मांग की है।