समग्र समाचार सेवा
दिल्ली, ३० अप्रैल: रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा ऑपरेशन सिंदूर ने वैश्विक स्तर पर स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत आतंकी हमले होने की स्थिति में अब केवल कूटनीतिक बयान जारी करने की पुरानी मानसिकता से बंधा नहीं है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने केवल बयानबाजी नही करती बल्कि
ठोस कदम उठाती है
आतंकवाद के किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार का दृढ़ रुख है कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद के किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खतरे के खिलाफ सरकार के दृढ़ रुख का प्रमाण बताया।
आतंकवाद विकृत और कुटिल मानसिकता से उपजता है।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा “आतंकवाद विकृत और कुटिल मानसिकता से उपजता है। यह मानवता पर एक काला धब्बा है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला नहीं है; यह मूल रूप से मानवता के मूलभूत मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है।
अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र है पाकिस्तान
आतंकवाद को पाकिस्तान के लगातार दिए जा रहे समर्थन पर श्री राजनाथ सिंह ने कहा भारत और पाकिस्तान दोनों को एक ही समय में स्वतंत्रता मिली। जहा भारत को आज वैश्विक स्तर पर आईटी यानी सूचना प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है वही पाकिस्तान को एक अलग प्रकार की आईटी यानी अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र माना जाता है।
अपनी शर्तों पर रोका ऑपरेशन सिंदूर
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी शर्तों पर अंजाम दिया और अपनी शर्तों पर ही रोका। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान हमने पूरी सटीकता के साथ केवल उन्हीं लोगों को निशाना बनाया जिन्होंने हम पर हमला किया था। हमने ऑपरेशन इसलिए नहीं रोका क्योंकि हमारी क्षमताएं खत्म हो गई थीं या कम हो गई थीं। हमने इसे पूरी तरह अपनी शर्तों पर रोका। हम लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष को जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार थे।
AI बढ़ा रही है सैनिकों की क्षमता
रक्षा मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए कहा कि इससे आतंकवादियों का पता लगाने और निर्णायक जवाब देने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। उन्होंने कहा, “एआई का अर्थ ‘संवर्धित पैदल सेना’ भी है। यह हमारे सैनिकों की क्षमताओं को बढ़ा रही है।आज के आधुनिक युद्ध को ध्यान में रखते हुए हम अपनी सेना को नई तकनीक से मजबूत बना रहे हैं और उसे इस तरह तैयार कर रहे हैं कि सेना के सभी हिस्से मिलकर एक साथ बेहतर तरीके से काम कर सकें। इस उद्देश्य के लिए, सेना ने ‘रुद्र’ ब्रिगेड, ‘भैरव’ बटालियन, ‘शक्तिबान’ तोपखाना रेजिमेंट और ‘दिव्यास्त्र’ बैटरी जैसी चुस्त और आत्मनिर्भर लड़ाकू इकाइयां स्थापित की हैं जो आधुनिक हाइब्रिड खतरों का तत्काल और सशक्त जवाब देने में सक्षम हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर नियंत्रण जरूरी है।