- EPFO को 1,816 करोड़ रुपये के कथित नुकसान के मामले में CBI ने रिलायंस कैपिटल, उसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की।
- 2013-14 में रिलायंस कैपिटल के सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर में EPFO के लगभग 2,500 करोड़ निवेश किए गए थे।
- आरोप—इन निवेशों से EPFO को 1,007.55 करोड़ का मूल नुकसान और 808.67 करोड़ की ब्याज देनदारी हुई।
- CBI ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात और भ्रष्टाचार की धाराओं में केस दर्ज किया।
- अनिल अंबानी ने आरोपों से इनकार किया, कहा- उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।
- EPFO देश के करोड़ों कर्मचारियों की भविष्य निधि का प्रबंधन करता है, इसलिए मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 3 अगस्त :कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को 1,816 करोड़ रुपये के कथित घाटे के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, उसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी समेत कई अज्ञात लोक सेवकों और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
यह कार्रवाई EPFO की शिकायत पर की गई है, जिसमें आरोप है कि 2013-14 में रिलायंस कैपिटल के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचरों में करीब 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। इससे EPFO को मूलधन और ब्याज मिलाकर 1,816.22 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जिसमें 1,007.55 करोड़ मूलधन और 808.67 करोड़ ब्याज का नुकसान बताया गया है।
CBI ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात और भ्रष्टाचार की धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी अब निवेश प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी कि क्या नियमों का उल्लंघन हुआ था और किन लोगों की भूमिका रही।
अनिल अंबानी की ओर से जारी बयान में सभी आरोपों से इनकार किया गया है। उनका कहना है कि वे नवंबर 2021 तक कंपनी के गैर-कार्यकारी चेयरमैन थे और उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।
EPFO देश के करोड़ों कर्मचारियों की भविष्य निधि का प्रबंधन करता है, इसलिए इसके निवेश से जुड़े किसी भी घोटाले को बेहद गंभीर माना जा रहा है।